फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चोरी की पिस्टल की वजह से हुई जरायम में एंट्री

विज्ञापन
goli
विज्ञापन
रामनगर (नैनीताल)। बीडीसी सदस्य वीरेंद्र मनराल उर्फ बीरू की जान लेने वाले देवेंद्र उर्फ बाऊ की जरायम की दुनिया में एंट्री चोरी की पिस्टल की वजह से हुई। उसने उस पिस्टल को बेचा, लेकिन रुपये नहीं मिले तो हत्या कर दी। वीरेंद्र को भी रुपये पूरे नहीं मिलने पर मार डाला। बाऊ को सुपारी किलर के नाम से भी जाना जाता है।
विज्ञापन

बाऊ शुरू से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम दर्ज नहीं था। वह बैलपड़ाव चौराहे के पास स्थित कार वॉशिंग की दुकान में काम करता था, जहां आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोग भी कार धुलवाने आते थे। एसएसआई कश्मीर सिंह के अनुसार तीन साल पहले कार धोते समय उसे एक पिस्टल मिली थी। उसने यह पिस्टल अपने पास रख ली। अवैध असलहा होने के कारण कार मालिक ने भी पिस्टल चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। करीब महीने भर तक पिस्टल अपने पास रखने के बाद बाऊ ने खनन कारोबारी हेमंत फर्त्याल को इस बारे में बताया। हेमंत ने उससे डेढ़ लाख रुपये में पिस्टल का सौदा कर लिया। कई बार रुपये मांगने के बावजूद हेमंत आनाकानी करने लगा तो बाऊ रंजिश रखने लगा।
इसी दौरान बाऊ छोई के बीडीसी मेंबर वीरेंद्र मनराल बीरू के संपर्क में आया। बीरू की भी हेमंत से रंजिश थी। आरोप है कि बीरू ने बाऊ को हेमंत की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी। करीब डेढ़ लाख रुपये एडवांस भी दिए। उसने पंजाब से अपने साथियों को बुलाकर हेमंत की हत्या कर दी। बीडीसी मेंबर ने उसे सुपारी के बाकी रुपये नहीं दिए। इससे वह और खूंखार हो गया। वह पिछले साल बीरू की कार का पीछा करते हुए बाजपुर पहुंच गया। पुलिस को सूचना मिली तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अप्रैल 2017 में भी रामनगर कोर्ट में बीरू की हत्या का प्रयास किया था।
विज्ञापन


दो सौदों में धोखा खाया, दो बार पहले भी कर चुका था बीरू की हत्या का प्रयास
कभी कार वॉशिंग की दुकान में काम करता था, अब सुपारी किलर के नाम से मशहूर


इस बार भी पंजाब से बुलाए शूटर
हेमंत फर्त्याल की हत्या में बाऊ ने पंजाब के शूटर सरेन उर्फ संधू की मदद ली थी। इस बार भी उसने पंजाब के शूटरों का सहारा लिया है। एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि घटनास्थल के पास मौजूद लोगों के मुताबिक कार में तीन पगड़ीधारी बैठे थे और एक सरदार ने कार से उतरकर बीरू की हत्या की। जंगल की पूरी जानकारी होने के चलते हत्यारे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के जंगल में घुस गए। उन्हें पता था कि पुलिस जंगल में उन्हें आसानी से नहीं तलाश सकती।
बाऊ के घर बैलपड़ाव में लगा है ताला
बीरू की हत्या के बाद बाऊ के मकान पर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था। रात तक पुलिस फोर्स मौके पर रही। सुबह के समय बाऊ के मकान पर ताला लटका था। घर के सभी सदस्य फरार हो गए हैं, जब ड्यूटी बदलकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो वहां पर ताला लटका देख सभी लौट गए। इसके बाद भी पुलिस टीम लगातार उसके घर के पास गश्त कर रही है।
बाऊ के पिता की है बीरू हत्याकांड में प्रयुक्त कार
पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी सफेद रंग की कार यूके-04डब्लू-2389 कोटद्वार रोड पानी टंकी के पास छोड़ गए थे। यह कार बाऊ के पिता सुरजीत सिंह के नाम पर है। पुलिस इस केस के हर पहलुओं को खंगाल रही है। पुलिस पूरे परिवार के फोन कॉल की सीडीआर भी निकलवाकर जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें