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लोनिवि की बेसकीमती पांच एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे

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नैनीताल। सरोवर नगरी में लोनिवि की करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जा होने का खुलासा हुआ है। लोनिवि के पास स्वामित्व संबंधी कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं है। नगर पालिका से दाखिल खारिज की फाइल गायब है और अवैध कब्जेदार सरकारी जमीन के मालिक बने बैठे हैं। शिकायत के आधार पर डीएम विनोद कुमार सुमन ने एसडीएम अभिषेक रुहेला को जमीन के चिह्नीकरण का आदेश दिया है। जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि हो गई है। इसके बावजूद सिर्फ एक अवैध कब्जेदार को चिह्नित कर नोटिस दिया जा सका है।
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अधिवक्ता पुनीत टंडन की जानकारी में यह प्रकरण दिसंबर 2017 में आया। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी तो लोनिवि ने जमीन अपनी बताई, लेकिन कोई पुख्ता दस्तावेज लोनिवि नहीं दे पाया। इस पर अधिवक्ता ने नगर पालिका से सूचना मांगी। नगर पालिका ने जमीन पर लोनिवि का स्वामित्व बताया, लेकिन दाखिल खारिज संबंधी फाइल कार्यालय से गायब होने की बात कही, जबकि लोनिवि के स्वामित्व का सबसे बड़ा सबूत दाखिल खारिज ही था। ऐसे में उन्होंने डीएम, सीएम से शिकायत की। शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई। डीएम विनोद कुमार सुमन ने जनवरी में जमीन को चिह्नित करने के लिए एसडीएम अभिषेक रुहेला को निर्देश दिए। एसडीएम ने लोनिवि, नगर पालिका, तहसीलदार नैनीताल को संयुक्त रूप से जमीन को चिह्नित करने को कहा। अधिवक्ता पुनीत ने बताया कि यह बहुत बड़ा भूमि घोटाला है। इसमें कई बिल्डर, कर्मचारी शामिल हैं। लोनिवि की ओर से भी इसमें गलत तरह से एनओसी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि यह जमीन परमानंद लाल साह धर्मशाला के पास स्थित है।

अधिवक्ता ने मांगी जनसूचना तो हुआ खुलासा
अरसे से जमीन दबाए बैठे कब्जेदार, बड़े भूमि घोटाले की आशंका
नगर पालिका दफ्तर से लोनिवि के स्वामित्व वाली फाइल गायब

परमानंद लाल साह धर्मशाला के पास लोनिवि की पांच एकड़ जमीन अवैध कब्जों, अतिक्रमण की जद में है। हमें नगर पालिका से इसका नक्शा मिल चुका है। एक अवैध कब्जेदार को चिह्नित कर नोटिस जारी किया जा चुका है। जमीन अवैध कब्जों से मुक्त कराई जा रही है। - सीएस नेगी, ईई लोनिवि।
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