रामनगर में आयोजित बैठक में लोग
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रामनगर (नैनीताल)। करीब एक सप्ताह पहले गर्जिया मंदिर परिसर में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समुदाय के बीच चल रहे विवाद के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने दोनो पक्षों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग वार्ता की। उन्होंने कानून अपने हाथ में नहीं लेने की हिदायत देते हुए पुलिस को सूचना देने को कहा। पुलिस के अनुसार मंदिर परिसर में मंगलवार से आने वाले हर श्रद्धालु के बैगों की चेकिंग की जाएगी।
एक सप्ताह से गर्जिया मंदिर में अराजक तत्वों द्वारा किए गए उत्पात को लेकर नगर के विहिप-बजरंग कार्यकर्ताओं व मुस्लिम समुदाय के लोगो में चल रहे तनाव को लेकर सोमवार को अपर जिलाधिकारी हरबीर सिंह और एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव की मौजूदगी में तहसील परिसर के सभागार में दोनो पक्षों की अलग-अलग बैठक हुई। बैठक में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गर्जिया मंदिर क्षेत्र में की गई मारपीट की निंदा की और उन पर गर्जिया मंदिर जाने पर लगाई जा रही रोक को हटाने की मांग की।
वहीं दोपहर में दूसरे पक्ष की बैठक में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के सामने दो टूक कहा कि गर्जिया मंदिर उनकी आस्था का केंद्र है। वहां किसी भी प्रकार की अराजकता और महिलाओं के साथ अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में एडीएम हरबीर सिंह ने दोनो पक्षों के प्रतिनिधियों को कहा कि कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है यदि कोई भी व्यक्ति घटना करता है तो उसकी सूचना प्रशासन को दें।
एडीएम ने कहा कि रविवार के दिन गर्जिया मंदिर के सामने पुल पर खींची गई फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट नहीं डालने की भी बात कही। बैठक में मौजूद एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि गर्जिया मंदिर में आने वाले सभी लोगों के बैगों की तलाशी मंगलवार से ली जाएगी। बैठक में एसडीएम परितोष वर्मा, सीओ लोकजीत सिंह, कोतवाल विक्रम राठौर, एसएसआई राहुल राठी, एसआई कश्मीर सिंह, एसआई चेतन रावत मौजूद थे।
गर्जिया मंदिर प्रकरण : पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों ने ली दोनों समुदायों की बैठक