कालाढूंगी (नैनीताल)। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के गदगदिया, पीपलपड़ाव, बरहैनी रेंज से इन दिनों का लकड़ी ढुलान हो रहा है। इसमें लगे वाहन चालक परिवहन विभाग के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। वाहनों में ओवरलोड लकड़ी ढोई जा रही है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद पुलिस, परिवहन विभाग इन वाहन स्वामियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
वन निगम के लिए लकड़ी ढुलान में लगी अधिकतर ट्रैक्टर ट्रॉलियां राज्य के बाहर, कुछ निगम के कर्मचारियों की बताई जा रही हैं। कई वाहनों के मूल स्वरूप के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। कई ट्रॉलियों में डाला ही नहीं है। झटके लगने पर भारी-भरकम गिल्टों के सड़क पर बिखरने का खतरा है जबकि अधिकतर ट्रैक्टर ट्रॉलियां सिर्फ कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। टैक्स पैड न होने के बावजूद इन वाहनों से व्यावसायिक कार्य किया जा रहा है। इसके बावजूद इनको रोकने वाला कोई नहीं है जबकि जंगल से लकड़ी को डिपो तक पहुंचाने के दौरान यह वाहन पुलिस थाने, चौकियों के सामने से गुजरते हैं।
परिवहन विभाग कई बार चेकिंग अभियान चलाता है। व्यवसायिक कार्य करने के लिए वाहनों का टैक्स पैड होना जरूरी है। लकड़ी ढुलान कर रहे वाहनों की जांच की जाएगी। प्रपत्रों में कमी मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अमित झा
परिवहन कर अधिकारी प्रथम, हल्द्वानी।