नैनीताल। पीएचडी संबंधी दस्तावेज न मिलने से निराश प्राइवेट शिक्षक ने कुमाऊं विश्वविद्यालय को मेल कर आत्मघाती कदम उठाने की धमकी दे दी। शनिवार को शिक्षक के विवि पहुंचने की आशंका के चलते पुलिस डटी रही।
नानकमत्ता यूएस नगर निवासी गिरीश चंद्र जोशी कुविवि में शोधार्थी थे। शोध पूरा होने से पहले उनका किसी बात को लेकर कुविवि के एक प्रोफेसर से विवाद हो गया। पिछले दिनों गिरीश ने कुविवि को ईमेल भेजकर साजिशन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पात्र होने के बावजूद उन्हें पीएचडी की उपाधि भी नहीं दी जा रही है। कुलपति डॉ. डीके नौड़ियाल ने डॉ. राजीव उपाध्याय को प्रकरण सुलझाने की जिम्मेदारी दी। डॉ. उपाध्याय ने गिरीश को मना लिया था लेकिन विवि प्रशासन कोई खतरा नहीं उठाना चाहता था। गिरीश ने शनिवार का दिन ही बताया था। इसलिए शनिवार को सावधानी के तौर पर पुलिस बुला ली गई। मल्लीताल के कोतवाल विपिन चंद्र पंत ने बताया कि सुबह से शाम तक सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस विवि परिसर में मौजूद रही, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। वहीं कुविवि के कुलपति डॉ. नौड़ियाल ने बताया कि गिरीश ने जो दस्तावेज मांगे थे, वह दिए जा चुके हैं। वह नियमों के विपरीत पीएचडी की डिग्री चाह रहा है, जो नहीं दी जा सकती है। हमने गिरीश से कह दिया है कि वह दोबारा से पीएचडी में प्रवेश ले तो उसे कुछ राहत दी जा सकती है।