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जहरखुरानी गिरोह को पांच पांच साल की सजा

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court - फोटो : PTI
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हल्द्वानी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद जहरखुरानी गिरोह के तीन सदस्यों को दोषी पाया। अदालत ने प्रत्येक को पांच-पांच साल का कारावास और आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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एडीजीसी नवीन चंद्र जोशी के अनुसार चंपावत जिले में तैनात पुलिस उपनिरीक्षक बहादुर सिंह नौ जुलाई 2017 को अपने बेटे को दिल्ली छोड़कर घर लौट रहे थे। रुद्रपुर में बस से उतरकर पुलिसकर्मी रात 8:30 बजे बस अड्डे के पास टनकपुर की गाड़ी देखने लगे। इस बीच एक युवक पुलिसकर्मी के पास आया बोला कि उसके चाचा की गाड़ी टनकपुर जा रही है। जल्दी जाने के चक्कर में पुलिसकर्मी भी गाड़ी में बैठ गया। युवक ने अपने गिरोह के दो अन्य लोगों को गाड़ी में बैठा लिया। टीपीनगर आने पर युवक ने माजा पेय पदार्थ खरीदा। उसने पुलिसकर्मी को भी माजा पिलाया। अधिक मात्रा में नशीला माजा पीने पर पुलिसकर्मी बेहोश हो गया। इस बीच जहरखुरानी गिरोह बैग में रखी मोबाइल, आईकार्ड सहित अन्य सामान लेकर चंपत हो गए। पुलिसकर्मी ने खुद को दूसरे दिन एसटीएच में भर्ती पाया। इलाज कराने के बाद पुलिसकर्मी ने चंपावत थाने में मुकदमा दर्ज कराया। हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने 18 जुलाई को स्टेडियम के पास पांच लोगों को चोरी के सामानों के साथ गिरफ्तार किया। यहां आकर बहादुर सिंह ने तीन लुटेरों को पहचान लिया। पुलिस ने लुटेरों के कब्जे से बहादुर सिंह का आईकार्ड बरामद किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने सुनवाई के दौरान तीनों को दोषी पाया। धारा 328 सपठित 34 पुलिस एक्ट के तहत अदालत ने अल्मोड़ा जिले के पोखरी भुजान रानीखेत निवासी खीम सिंह बिष्ट, अल्मोड़ा बांसवाड़ा निवासी गोकुल कुमार, खनस्यू धारी मुक्तेश्वर निवासी कुंवर सिंह को पांच-पांच साल का कारावास, पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 379, 34 पुलिस एक्ट के तहत दो दो साल की कारावास के साथ दो-दो हजार रुपये अर्थदंड, धारा 411 के तहत एक एक साल का कारावास, एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
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