लालकुआं (नैनीताल)। ब्रांडेड कंपनियों के मसाले भी इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधानी जरूर बरतें। इनमें कीड़े भी हो सकते हैं। लालकुआं में मंगलवार को ऐसा ही हुआ। गोल्डी ब्रांड के मिर्च पाउडर में कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। शिकायत पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने छापा मारा तो एजेंसी में अन्य पैकेटों में भी कीड़े मिले। मिर्च के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। इस कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
संजय जोशी ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे गर्ग किराना स्टोर से गोल्डी कंपनी की मिर्च पाउडर का पैकेट खरीदा था। घर लाकर जब उन्होंने पैकेट खोला तो उसमें कीड़े मिलने पर संजय दंग रह गए। वह तुरंत पैकेट लेकर दुकानदार के पास गए। दुकानदार ने अपनी गलती होने से इन्कार किया तो संजय ने खाद्य विभाग को फोन कर दिया। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में इस प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने की की शिकायत को विभाग ने गंभीरता से लिया।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा तुरंत दुकान पर पहुंचे। वहां दुकानदार से पूछताछ करने पर पता चला कि वह हल्दूचौड़ स्थित जेडी ट्रेडिंग कंपनी से मसाले खरीद कर बेचता है। इसके बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एजेंसी पहुंचे। वहां गोल्डी ब्रांड के मिर्च पाउडर की जांच की तो वहां भी कीड़े पाए गए। इसे गंभीरता से लेकर पैकेटों के सैंपल भरे गए। उन्होंने कहा कि इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
मसालों के साथ कीड़े खा लिया तो संक्रमण हो सकता है। कीड़े पेट में पहुंचने पर दस्त और उल्टी हो सकती हैं। कीड़ा किस प्रकार का है ये पता करना जरूरी है। कीड़ा पेट में जाने से शरीर में जहरीले तत्व भी जा सकते हैं।
डॉ. नीलांबर भट्ट, वरिष्ठ फिजीशियन
त्योहारों में मिलावटखोरों से सावधान हो जाइए
कैच वर्ड...अमर उजाला अलर्ट
लाल मिर्च
मिलावट के तौर पर मिलावटखोर ईंट या कबेलू का बारीक पिसा हुआ पाउडर प्रयोग करते हैं, जिसमें कृत्रिम रंग भी मिला हुआ होता है। मिलावट की जांच के लिए इसे पानी में डालें, अगर लाल मिर्च पाउडर पानी में तैरता नजर आए तो वह शुद्ध है, लेकिन यदि वह डूब जाए तो समझ लें की मिलावटी है।
हल्दी पाउडर
मिलावटखोर हल्दी पाउडर में मेटानिल येलो नामक रसायन मिलाते हैं जो आपको कैंसर जैसी बीमारी का शिकार बना सकता है। इसे परखने के लिए हल्दी पाउडर में कुछ बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और उतनी ही बूंदे पानी डालकर देखें। अगर हल्दी का रंग गुलाबी या बैंगनी हो जाए, तो समझ लें कि हल्दी मिलावटी है।
दालचीनी
गरम मसालों में प्रयोग होने वाली दालचीनी भी कई बार मिलावटी होती है। चूंकि इसमें कोई फर्क नहीं कर पाता, इसे पैकेट में डालकर आसानी से गुमराह किया जा सकता है। दालचीनी में मिलावट के तौर पर अमरूद की छाल मिलाई जाती है। इसकी पहचान करने के लिए इसे हाथ पर रगड़कर देखें, अगर आपको इसका रंग नजर आए, तो यह असली है, अन्यथा नकली।
मावा
डेयरी उत्पादों में भी मिलावट होती है। मावे की जांच के लिए सैंपल टेस्ट ट्यूब में भरें और उसमें 20 एमएल पानी डाल कर उबालें। ठंडा होने पर इसमें दो बूंद आयोडीन डालें। अगर सैंपल का रंग नीला हो जाए तो इसमें स्टार्च मिला है।
दूध
दूध में पानी की मिलावट को परखने के लिए किसी चिकनी सतह पर दूध की कुछ बूंदें गिराएं। अगर यह बूंदें बगैर निशान छोड़े आगे बह जाए, तो इसमें पानी मिला है। वहीं दूध अगर शुद्ध होगा तो वह धीरे-धीरे बहेगा और सफेद धब्बा छोड़ जाएगा।
काली मिर्च
इसमें पपीते के बीजों को काले रंग में रंगकर मिला दिया जाता है। ऐसा करने से इनका वजन अधिक हो जाता है और आपको कम मात्रा में देकर ज्यादा पैसे कमाए जा सकते हैं। इसे परखने के लिए पानी या शराब में डालें। अगर यह तैरने लगे तो नकली हैं और डूब जाए तो असली हैं।
मटर के दाने
इन्हें अत्यधिक हरा दिखाने के लिए मेलाकाइट ग्रीन नाम का रसायन मिलाया जाता है जो सेहत के लिए हानिकारक होता है। इसकी पहचान के लिए मटर के दानों को कुछ समय तक पानी में रखें, अगर यह हरा रंग छोड़ने लगे, तो समझ जाइए कि मिलावट है।