ज्योलीकोट। (नैनीताल)। नैनीताल घूमकर लखनऊ वापस जा रहे दो युवकों की कार बुधवार रात 9.30 बजे असंतुलित होकर गहरी खाई में जा गिरी। लगभग 16 घंटे तक घायल युवक खाई में कराहते रहे। बाद में बमुश्किल दोनों नैनीताल स्थित बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया। जहां गंभीर रूप से घायल एक युवक को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया जबकि दूसरे को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
मंसूर नगर लखनऊ निवासी मोहम्मद उजैर अंसारी (35) पुत्र मोहम्मद याकूब अंसारी और उसका दोस्त मोहम्मद हारून (30) पुत्र नसीम अहमद 5 सितंबर को अपनी मारूति 800 कार संख्या यूपी 32 के-1959 से नैनीताल घूमने आए थे। बुधवार रात करीब नौ बजे वे नैनीताल से वापस लखनऊ के लिए रवाना हुए। नैनीताल से लगभग 12 किमी दूर बल्दियाखान और हनुमान मंदिर के मध्य उनकी कार असंतुलित होकर लगभग 900 फिट गहरी खाई में लुढ़कते हुए आरूखान गांव के समीप जंगल में गिर गई। रात में यातायात कम होने और सुनसान स्थल होने के कारण दुर्घटना का किसी को पता नहीं चल पाया। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से अपरिचित दोनों घायल पूरी रात जंगल में कराहते रहे। लेकिन इस परिस्थिति में भी दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और एक दूसरे को हौसला देते रहे। बृहस्पतिवार तड़के उजाला होते ही उजैर अंसारी ने अपने दोस्त हारून, जो कि ज्यादा घायल था, को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर खाई से निकलने की कोशिश की। घंटों की मशक्कत के बाद उजैर सुबह 10.30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया और राहगीरों की मदद से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक, ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज मनवर सिंह ने ग्रामीणों की मदद से दो घंटे की मशक्कत के बाद घायल हारून को खाई से निकालकर बीडी पांडे चिकित्सालय नैनीताल भेजा। बीडी पांडे अस्पताल में डॉक्टर ने दोनों घायलों का इलाज कर गंभीर रूप से घायल हारून को हल्द्वानी रेफर कर दिया जबकि उजैर को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।