हल्द्वानी। लकड़ी तस्करों ने तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी रेंज मोटाहल्दू ब्लॉक के प्लाट नंबर 45 से पांच फिट गोलाई के सागौन के चार पेड़ काट लिए। वन विभाग की टीम को पेड़ कटने के दो दिन बाद इसकी जानकारी हुई। विभागीय टीम ने ऊधमसिंह नगर से एक सागौन के पेड़ की लकड़ी बरामद कर ली है। काटे गए पेड़ों की बाजार में कीमत दो लाख रुपये आंकी गई है।
दो अगस्त को तस्करों ने मोटाहल्दू से रामपुर रोड बाइपास तक सड़क किनारे प्लाट नंबर 45 से चार सागौन के पांच फिट गोलाई के चार पेड़ काट लिए। वन विभाग की टीम को दो दिन बाद इसकी जानकारी हो पाई। विभाग की ओर से ऊधमसिंह नगर से एक पेड़ की लकड़ी बरामद कर ली है। सूत्रों की मानें तो यह लकड़ी एक आरामशीन से बरामद की है। जिस आरामशीन से लकड़ी बरामद हुई है वह आरामशीन भाजपा नेता की बताई जा रही है।
वन विभाग की चौकियां सवाल के घेरे में
वन विभाग ने ऊधमसिंह नगर की एक आरा मशीन से लकड़ी बरामद की है। सवाल उठ रहा है कि लकड़ी वहां पहुंची कैसे। जबकि मोटाहल्दू से लेकर ऊधमसिंह नगर तक वन विभाग के तीन बैरियर पड़ते हैं। साथ ही एक बैरियर पुलिस का भी पड़ता है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन विभाग के बैरियरों में वन उपज की कोई जांच नहीं होती है।
नहीं हो रही है गश्त, तस्करों के हौसले बुलंद
मोटाहल्दू से वन तस्करों ने जिस जगह से पेड़ काटे गए हैं। वह बरेली रोड और रामपुर रोड को जोड़ने वाला है। इस बाइपास में आवाजाही बनी रहती है। जिस जगह से पेड़ काटे गए हैं वह सड़क से मात्र 50 मीटर दूर है। तस्करों को पेड़ काटने के बाद उसे गाड़ी में लोड करने पर एक घंटे से अधिक समय लगा होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। वहीं वन विभाग की कार्यप्रणाली में भी सवाल उठना लाजिमी है। अगर विभाग की ओर से गस्त की जाती तो ये घटना नहीं होती।
यह सही है कि चार पेड़ हल्द्वानी रेंज से तस्करों ने काटे हैं। एक टीम ने एक पेड़ को बरामद कर लिया है। ऊधमसिंह नगर जिले से यह पेड़ बरामद किया गया है। यह साफ नहीं है कि यह पेड़ आरा मशीन से बरामद हुआ है या कहीं और से। इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
-कल्याणी, प्रभागीय वन अधिकारी, हल्द्वानी