हल्द्वानी। रामकृष्ण मिशन सतखोल आश्रम रामगढ़ में आई बुजुर्ग महिला पर्यटक की तबियत शुक्रवार की रात खराब हो गई। सुशीला तिवारी अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि अस्पताल से मेडिकल चौकी पुलिस को प्राथमिक सूचना महिला के पति की मौत की भेजी गई। गलत सूचना के चलते घंटों पोस्टमार्टम नहीं हो सका और बंगलूरू से आए पर्यटक परेशान रहे।
कर्नाटक के बंगलूरु ब्याली कवल मकान नंबर 50 की रहने वाली रानी मनोरमा (64) पत्नी रविंद्र नाथ अपने क्षेत्र के दस लोगों के साथ मेडिटेशन के लिए रामगढ़ स्थित रामकृष्ण मिशन सतखोल आश्रम आई थीं। शुक्रवार की रात अचानक उनकी तबियत खराब हो गई। इसके बाद साथी पर्यटक उन्हें लेकर नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल आए। यहां डॉक्टरों ने एसटीएच लेकर जाने की सलाह दी। एसटीएच में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल चौकी पुलिस को प्राथमिक रिपोर्ट भेजी कि रविंद्र नाथ की मौत हो गई है। शव मोर्चरी में रखा गया था जब महिला के साथ आए पर्यटक राजू ने पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि मरने वाली महिला है और पत्नी की जगह उसके पति की मौत होना दर्शाया गया है। कागजात की गड़बड़ी के चलते पोस्टमार्टम रुका रहा और शनिवार की दोपहर तक पर्यटक परेशान रहे। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि परिजनों ने गलत नाम बताया था और बाद में कागज की गड़बड़ी दुरुस्त कर दी गई। कागजात सही होने के बाद पंचायतनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मौत पत्नी की हुई मगर पति को मरा दिखाया
एसटीएच की गड़बड़ी से घंटों रुका रहा महिला पर्यटक का पोस्टमार्टम