Income tax Fraud, ITR, SMS Fraud, phishing attacks
हल्द्वानी। नैनीताल और भवाली स्थित कारोबारियों के अभिलेखों की जांच में प्रथम दृष्टया आयकर की चोरी के रूप में करोड़ों रुपये का गड़बड़झाला उजागर हुआ है, हालांकि अभी यह जांच पूरी नहीं हुई है।
21 फरवरी को आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने नैनीताल स्थित हिमानी मेडिकोज और वसी फुटवियर समेत एक आढ़ती के यहां और भवाली में एक बिल्डर व कांट्रेक्टर के यहां छापेमारी की थी। इस दौरान विभागीय टीम ने इन कारोबारियों के यहां से कारोबार से संबंधित कई अभिलेख जब्त भी किए थे। छापेमारी के बाद से ही विभागीय अधिकारी इन अभिलेखों की जांच में जुटे हुए हैं।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया उक्त सभी फर्मों द्वारा आयकर चोरी के मामले पकड़ में आए हैं। अब तक इन कारोबारियों के पास से कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे हुई आय के बारे में विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई थी। लगभग साढ़े चार करोड़ से अधिक के ऐसे मामले शुरुआत में पकड़ में आए हैं।
अपर आयकर आयुक्त गगन सूद ने बताया कि चूंकि जांच अभी चल रही है लिहाजा यह कहना कठिन है कि उक्त कारोबारियों के यहां से कितने रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि कितने की कर चोरी पकड़ में आई है। उन्होंने बताया कि दवा विक्रेता की बिक्री का हिसाब किताब अभिलेखों में दर्ज नहीं है। इसी तरह बिल्डर द्वारा कराए गए कई निर्माण कार्यों का भी लेखा जोखा आयकर विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त कारोबारियों अपने कारोबार का बड़ा हिस्सा आयकर विभाग से छुपाया है। सूद ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद उक्त कारोबारियों को आयकर की बकाया रकम जमा करने के लिए समय दिया जाएगा और तयशुदा समय पर रकम जमा न करने पर उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
अभिलेखों की जांच में करोड़ों का गड़बड़झाला उजागर
आयकर विभाग ने नैनीताल और भवाली में किया था आयकर सर्वे