हल्द्वानी। रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में निहाल गेट से वन विभाग के सामने ही जमकर अवैध खनन हो रहा है। यहां बिना रोक-टोक ट्रैक्टरों से ओवरलोड रेता-बजरी भेजी जा रही है। वन विभाग की छापामार टीम को इस नदी में अवैध खनन के निशान ही नहीं मिले।
फतेहपुर रेंज स्थित निहाल नदी से 20 गांवों के किसानों को उपखनिज निकासी की अनुमति है। वन विभाग यहां से वाहन स्वामियों को परमिट देता है। इन्हें एक दिन में 20 घनमीटर माल ले जाना होता है। एक बार में पांच घनमीटर रेत ही ले जाने की अनुमति होती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है।
निहाल नदी में अवैध खनन, छापामार टीम को नहीं मिले निशान
वन कर्मियों के सामने ओवरलोड जा रहा उप खनिज
ओवरलोड ले जा रहे थे वाहन
अमर उजाला ने अवैध खनन को लेकर शुक्रवार को पड़ताल की तो निहाल नदी में चलने वाले लगभग सभी वाहन ओवरलोड उप खनिज लेकर जाते दिखे। वन विभाग के नदी और फतेहपुर में स्थित निकासी गेट पर वाहन बिना किसी रोकटोक निकल रहे थे। यहां पर वन विभाग की टीम भी खड़ी थी, लेकिन किसी ने ओवरलोड वाहनों को रोका तक नहीं। बाद में मीडिया को देखकर एक-दो ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों से निकासी गेट पर उप खनिज कम करने को कहा गया। इस पर वाहन चालक भी केवल कोरम पूरा कर निकल गए।
बिना नंबर लिखी चल रहीं ट्रॉलियां
निहाल नदी में उप खनिज निकासी में बिना नंबर लिखीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चल रहीं थी। एक-दो वाहनों को छोड़कर किसी भी ट्रॉली पर नंबर नहीं लिखा गया था। इसके बाद भी वन विभाग के किसी अधिकारी को इस पर ध्यान नहीं है।
वन विभाग की एक टीम को अवैध खनन की जांच करने के लिए भेजा गया था। टीम लौटकर नदी की जांच रिपोर्ट देगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। -बीपी सिंह, डीएफओ, रामनगर वन प्रभाग
गांव से खनन वाहन ले जाने पर भड़के ग्रामीण
हल्द्वानी। ग्राम चौसला से खनन वाहनों को लेकर जाने पर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने गांव में ही ट्रैक्टर ट्रॉली रोककर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर वाहनों के लिए गांव का रास्ता खोलने का आरोप लगाया। इसके बाद ग्रामीणों ने निहाल नदी पर बने खनन गेट पर भी वन कर्मियों का घेराव कर गांव का रास्ता बंद करने की मांग की। इस मौके पर चमन सिंह सिरोही, जीबी जोशी, रमेश नेगी, पूरन सिंह, दीपा बोहरा, राधा बोहरा, नीलम बोहरा, जानकी देवी, मंजू बिष्ट, लक्ष्मी, माया देवी, बसंती देवी, तुलसी देवी, चंदा, गीता देवी, गीता आर्या, किरन देवी, राखी आदि थे।
ग्रामीणों ने लगाए ये आरोप
- ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने गधेरे को जेसीबी से पाटकर खनन वाहनों के लिए गांव की ओर से रास्ता खोल दिया है।
- वन वाले कच्चे रास्ते के लिए विभाग 130 रुपये शुल्क लेता है, लेकिन गांव के रास्ते से वाहनों को भेजा जा रहा है।
- जहां से खनन वाहन गुजरते हैं रास्ते में दो स्कूल हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही। दुर्घटना का खतरा है। अभिभावक-शिक्षक समिति ने इसकी दो बार वन विभाग से शिकायत भी की है।
- जल्दी चक्कर लगाने के चक्कर में वाहन स्वामी गांव से उपखनिज ले जा रहे हैं।
- वन विभाग के अधिकारी वाहनों में ओवरलोड उपखनिज भेज रहे हैं।
- वाहनों से गांव की सड़क और पेयजल लाइन टूट गई हैं।
- सिंचाई के लिए बनी नहर को भी वाहनों ने तोड़ा।
वन विभाग ने खनन वाहनों के लिए गांव से रास्ता नहीं खोला है। वाहन स्वामी खुद ही अपनी गाड़ियां ले जा रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद गांव वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है।
- कैलाश चंद्र पंत, रेंजर कालाढूंगी
अवैध रेत ले जाते दो पिकअप, दो बुग्गी पकड़ी
हल्द्वानी। वन विभाग के गश्ती दल ने शुक्रवार को अवैध खनन करते हुए टनकपुर गेट से दो बुग्गी पकड़ी। वन विभाग की टीम ने दोनों को सीज कर दिया है। सुबह सात बजे टनकपुर गेट पर ही अवैध रेता ले जाते पिकअप 0512 को पकड़ लिया। लालडांठ में भी ओवरलोड उपखनिज ले जाते एक पिकअप को पकड़ा। टीम ने वाहनों को सीज कर दिया है। टीम में वन दरोगा धर्मानंद पाठक, वन दरोगा शक्ति कुमार पांडे, वन आरक्षी लाल सिंह नेगी, चंदन, गौरव, हीरा सिंह आदि थे।