हल्द्वानी। भारी विरोध और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में लोक निर्माण विभाग में सड़क का टेंडर डाला गया। इसे लेकर ठेकेदारों के दो पक्षों में तीखी बहस हुई। ठेकेदारों ने विधायक बंशीधर भगत के हस्तक्षेप के बाद पुलिस फोर्स तैनात करने का आरोप लगाया। ठेकेदारों के आरोप को नकारते हुए विधायक ने किसी तरह के हस्तक्षेप से साफ इनकार किया।
लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार बकाया भुगतान को लेकर आंदोलनरत हैं। वे टेंडर और सरकारी कामों का विरोध कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग में सड़कों को लेकर टेंडर डाले जाने थे। ठेकेदारों का विरोध को देखते हुए लोक निर्माण विभाग में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। तीन बजे तक ठेकेदारों कार्यालय के सामने धरने में बैठे रहे। इसी समय ठेकेदारों का दूसरा गुट टेंडर डालने पहुंचा। पहले गुट ने इसका विरोध किया और टेंडर बॉक्स छीनने का भी प्रयास किया। पुलिस ने विरोध करने वाले ठेकेदारों को खदेड़ दिया। इसके बाद दूसरे गुट ने टेंडर डाल दिया। कांट्रेक्टर हेल्प एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने पूर्व मंत्री और कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत को ही निशाने पर ले लिया। अध्यक्ष का आरोप था कि टेंडर विभाग में पंजीकृत ठेकेदार प्रेम बल्लभ कांडपाल के बेटे हेम कांडपाल ने डाला। विधायक के कहने पर ही पुलिस फोर्स तैनात की गई ताकि विधायक लॉबी के ठेकेदार के नाम ही टेंडर पड़ सके। दूसरी ओर, विधायक बंशीधर भगत ने किसी तरह के हस्तक्षेप से साफ इनकार किया। भगत ने कहा कि यह ठेकेदारों का आपसी मामला है और उनका किसी ठेकेदार से कोई मतलब नहीं है।
ठेकेदार के दो पक्षों में नोकझोेंक, टेंडर बॉक्स छीनने का प्रयास, पुलिस ने खदेड़ा
कालाढूंगी विधायक भगत भी आए ठेकेदारों के निशाने पर
किसके कहने पर तैनात हुई पुलिस फोर्स
हल्द्वानी। विभाग में टेंडर प्रक्रिया के दौरान तैनात हुई पुलिस को लेकर भी मामला उलझा हुआ है। देर शाम तक यही साफ नहीं हुआ कि आखिरकार पुलिस सुरक्षा मांगी किसने थी। लोक निर्माण विभाग के ईई रणजीत रावत ने कहा कि पुलिस तैनाती किसके कहने पर हुई यह उन्हें मालूम नहीं है।