हल्द्वानी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को किशन राम उर्फ कल्लू हत्याकांड का खुलासा कर दिया। दोनों ने बताया कि किशन ने शराब पीकर उनको तीन बार मारा था। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने शराब पीकर किशन को पत्थर और संबल से मार डाला। दोनों ने शव घर से एक किमी दूर गड्ढे में ठिकाने लगाया था।
टांडा भूड़ाखत्ता निवासी 30 वर्षीय किशन राम उर्फ कल्लू 28 अक्तूबर 2015 को लापता हो गया था। परिजनों ने पुलिस से शिकायत की लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। किशन के भाइयों ने उस समय हत्यारोपियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह कहीं गाड़ी चला रहा है। एक सप्ताह किशन के भाई बाबूराम को पड़ोसी एक महिला ने बताया कि उसके भाई को गांव के कल्लू सिंह और श्याम सिंह ने मारा है। इसके बाद बाबूराम ने कोतवाली पुलिस से लिखित शिकायत की। दबाव के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर टांडा जंगल में शव की तलाश की। उनकी निशानदेही पर टांडा जंगल स्थित एक गड्ढे से नर कंकाल और कपड़े बरामद कर लिया। दोनों ने बताया कि वे कल्लू के दोस्त थे। तीनों एक साथ शराब पीते थे। किशन तीन बार उनको शराब पीकर मारा था। इसका बदला लेने के लिए दोनों ने योजना बनायी। घटना के दिन शराब पीने के बाद उन्होंने किशन से पीटने पर सवाल किया। विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि संबल और पत्थर से मारकर दोनों ने उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाया। इसकी पुष्टि चौकी प्रभारी अजेंद्र कुमार ने की है। थाने के एसएसआई एमएस दसौनी का कहना है कि आरोपियों को अदालत में अगले दिन पेश किया जाएगा।
डीएनए टेस्ट बताएगा किसका है कंकाल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी अभियुक्तों के कहने पर विश्वास किया जा रहा है कि कंकाल किशन का था लेकिन इसके लिए परिवार के सदस्य के माध्यम से डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। टेस्ट से ही पुष्टि होगी कि कंकाल किसका है।