हल्द्वानी। रीढ़ के दर्द से परेशान तीन बच्चों की मां जान देने को उतारू हो गई। उसने काठगोदाम गौला बैराज में छलांग लगा दी। जल पुलिस के जवानों ने तुरंत बैराज में कूदकर महिला को बाहर निकाल लिया। उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सोमवार दोपहर 12 बजे एक महिला बैराज के गेट नंबर एक पर पहुंच गई। जल पुलिस के जवान मनोज बहुखंडी की उस पर नजर पड़ी लेकिन तब तक महिला ने बीच धारा में छलांग लगा ली। मनोज ने अपने साथी दिनेश प्रसाद के साथ बैराज में छलांग लगा ली। दोनों जवानों ने महिला को बाहर निकाल लिया। इस दौरान काठगोदाम थाने की पुलिस भी पहुंच गई। थानाध्यक्ष कमाल हसन ने उससे पूछताछ कि तो उसने अपना नाम राशिदा (32) पत्नी नजाकत निवासी लाइन नंबर 14 इंदिरानगर बनभूलपुरा बताया। पुलिस ने फोन कर नजाकत को बुला लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह टेलर का काम करता है। उसकी पत्नी राशिदा (32) रीढ़ के दर्द से परेशान है। सोमवार सुबह वह यह कहकर घर से निकली थी कि मौलाना को दिखाने जा रही है। नजाकत के अनुसार गिरने से पत्नी की रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी। उसका एक अस्पताल से इलाज चल रहा था। उसने आरोप लगाया कि हो सकता है कि मौलाना ने उसकी पत्नी से बीमारी के बारे में कुछ कहा होगा जिससे वह डर गई होगी।
बिना लाइफ जैकेट ही कूद गया गहरे पानी में
हल्द्वानी। राशिदा की जान बचाने वाले जवान मनोज बहुखंडी का कहना था कि घटना के वक्त लाइफ जैकेट निकालने का वक्त नहीं था। थोड़ी देर होती तो महिला की जान जा सकती थी। इसी कारण वह जान की परवाह किए बिना ही गहरे पानी में कूद गया। मनोज बहुखंडी ने बताया कि उसके पास पानी में डूबने से बचने के लिए लाइफ जैकेट सहित सहित अन्य उपकरण मौजूद हैं लेकिन जब महिला ने छंलाग लगाई तो उसे मौका ही नहीं मिला। महिला सिर के बल पानी में गिरी थी। उसका सिर ऊपर उठाकर निकाला गया। मनोज का कहना था कि वह पांच साल से बैराज में तैनात है। अभी तक 25 से अधिक लोगों की जान बचा जा चुका है।