हल्द्वानी। चिटफंड कंपनी का सीएमडी ग्राहकों के एक करोड़ 80 लाख रुपये लेकर भागा तो ग्राहक स्थानीय निदेशक को परेशान करने लगे। इससे आजिज आकर निदेशक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले उसने अपने भाई को एसएमएस कर और सुसाइड नोट छोड़कर सीएमडी की करतूत का खुलासा करते हुए आत्महत्या के लिए सीएमडी को जिम्मेदार ठहराया है।
दमुवाढूंगा देवखड़ी हाइडिल गेट काठगोदाम निवासी चतुर सिंह बिष्ट (41) पुत्र भोपाल सिंह ऊंचापुल स्थित एक लिमिटेड चिटफंड कंपनी में निदेशक पद पर कार्यरत थे। बृहस्पतिवार शाम उन्होंने अपने छोटे भाई जुगल सिंह बिष्ट के मोबाइल पर एसएमएस किया। एसएमएस में कहा कि उसकी मौत का जिम्मेदार सीएमडी अवधेश कुमार होगा। मैसेज पढ़ने के बाद भाई परेशान हो गया। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद चतुर को लामाचौड़ क्षेत्र के चौसला फतेहपुर जंगल में बेहोशी की हालत में बरामद किया। उनको नैनीताल रोड स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। काठगोदाम पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया। चतुर के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।
मौत से पहले चतुर सिंह ने अपने घर एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। नोट में उन्होंने लिखा था कि उनकी मौत का जिम्मेदार शिवगंगा निधि का मालिक अवधेश कुमार राजभर है जो बलिया जिले का रहने वाला है। वाराणसी (यूपी) में उसकी कंपनी का कार्यालय है। अमृता मैडम और वह कंपनी के निदेशक हैं। अवधेश ने उत्तराखंड की जनता से एक करोड़ 80 लाख रुपये जमा कराया था। यहां की जनता का पैसा भुगतान किया जाए।
लेकर भागा, निदेशक ने की आत्महत्या
भाई को भेजे एसएमएस में सीएमडी को बताया जिम्मेदार, ग्राहक कर रहे थे परेशान
कार उठाकर ले गए...रोज मर रहा हूं...
सुसाइड नोट में चतुर सिंह ने यह भी लिखा कि पंतनगर गौलागेट के रहने वाले खीमानंद जोशी और पूरन कोरंगा मेरी कार (यूके 04सी0939) उठाकर ले गए हैं। मैं रोज मर रहा हूं, मेरे पास मरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। सीएमडी अवधेश को किसी हालत में न छोड़ा जाए।
पत्नी कैंसर से पीड़ित
चतुर सिंह बिष्ट की पत्नी पूनम कैंसर से पीड़ित है। परिवार की हालत, बच्चों का खर्च और ऊपर से कर्ज ने चतुर को पूरी तरह तोड़ दिया था। पत्नी का दिल्ली के अस्पताल से इलाज चल रहा है।
1500 से अधिक लोगों का पैसा लेकर कंपनी चंपत
चतुर सिंह के परिजनों ने बताया कि चिटफंड कंपनी में 1500 से अधिक लोगों ने पैसा जमा किया था। एक करोड़ 80 लाख रुपये की मेच्योरिटी हो गई थी। कंपनी की तरफ से दिए गए चेक बाउंस हो गए। स्थानीय होने के कारण लोग चतुर सिंह पर पैसे के लिए दबाव बनाते थे। पैसे का भुगतान करने के लिए चतुर सिंह की तरफ से अधिवक्ता ने अवधेश को नोटिस जारी कराया था लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
इंटरनेट पर पूर्वांचल में हैं कंपनी के कार्यालय
इंटरनेट पर कंपनी का मुख्य कार्यालय पियरिया पोखरी तेलियाबाग स्थित सत्यम कांप्लेक्स में दर्शाया गया है। इसके अलावा चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, मिर्जापुर, जौनपुर देवरिया और संत रविदासनगर में भी दफ्तर हैं।