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डेढ़ साल से नैनीताल जिले में सक्रिय था एटीएम जालसाज गिरोह

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शहर के अधिकांश एटीएम में लगा है नो कैश का बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। जिला पुलिस के हत्थे चढ़ा एटीएम जालसाज गिरोह डेढ़ साल से नैनीताल जिले में सक्रिय था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 27 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। यह गिरोह रुद्रपुर स्थित एक होटल में ठहरकर दोनों जिलों के एटीएम को खंगालता था।
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एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि दिल्ली के खजुरी खास निवासी मुकेश कुमार धनखड़ और मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। धनखड़ गिरोह के लिए कार चालक का काम करता है। अन्य आरोपी नंदन उर्फ नंदू नेगी को पुलिस तलाश रही है। तीनों बचपन के दोस्त हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के कब्जे से कार, टीवी, 25 हजार रुपये के अलावा 27 एटीएम कार्ड और दो मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ से पता चला कि यह गिरोह डेढ़ साल पहले नैनीताल घूमने के लिए आया था। इसके बाद जगह मुफीद देखकर एटीएम ग्राहकों के पीछे लग जाता था। जबरदस्ती अंदर घुसकर गिरोह के सदस्य किसी प्रकार नो का बटन दबा देते थे। इस प्रकार ग्राहकों का पैसा नहीं निकल पाता था और ग्राहक के जाते ही गिरोह के लोग पैसा निकाल लेते थे। इस गिरोह ने हल्द्वानी में एसटीएच गेट पर दिव्यांग विजय सिंह का एटीएम 15 दिसंबर 17 को बदलकर धीरे-धीरे तीन लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए। इसी प्रकार कन्हैयालाल का एटीएम 21 फरवरी को बदलकर 30 हजार रुपये निकाले थे। दोनों एटीएम बरामद कर लिया गया है। गिरोह के पास 100 एटीएम कार्ड मौजूद रहते थे। ये ग्राहक को देखकर एटीएम कार्ड बदल देते थे। नैनीताल जिले में गिरोह ने छह घटनाओं को अंजाम दिया है। अभी दो पीड़ित सामने आए हैं।

चार कंपनी के एटीएम में नहीं जाते थे
गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि गिरोह के लोग एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और यस बैंक के एटीएम में नहीं जाते हैं। क्योंकि यहां नो बटन दबाने पर सिस्टम बंद हो जाता है।
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गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में जालसाजी करना छोड़ दिया
गिरफ्तार मुकेश कुमार ने बताया कि जालसाजी के मामले में दिल्ली के भरतनगर की पुलिस ने उसके साथ भाई के साले को 2013 में गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद उसने दिल्ली में घटना को करना छोड़ दिया। पहले नंदू एक फाइनेंस कंपनी में जॉब करता था लेकिन जालसाजी में पैसा अधिक मिलने पर उन्होंने यूपी और उत्तराखंड को नया कार्य क्षेत्र बना लिया। रुद्रपुर के एक होटल में ठहरकर तीनों सदस्य ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस की सक्रियता बढ़ने पर कार से भाग जाते थे। एटीएम कार्ड आनंद बिहार के पाकेटमारों से 200 से लेकर 500 रुपये में गिरोह के लोग खरीद लेते थे।

बाइक भी की जाएगी जब्त
कोतवाल के आर पांडे ने बताया कि इस गिरोह ने जालसाजी के रुपयों से 95 हजार रुपये में एक बाइक खरीदी थी। मुकेश ने मोबाइल दूसरे के नाम से लिया है। पुलिस बाइक को भी जब्त करने की कोशिश करेगी। जांच से पता चला कि दिल्ली के खजुरी खास इलाके में चोरों के काफी संख्या में गिरोह हैं।
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