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इलाज के दौरान कैदी की मौत

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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में तीन दिन से भर्ती विचाराधीन बंदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। बंदी मिर्गी रोग के अलावा नशेड़ी भी बताया जा रहा है।
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जेल सूत्रों के अनुसार थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर यूपी के गढ़ी मानियावाला निवासी मो. दानिश (24) पुत्र मोबीन को जसपुर की पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। दस मार्च 2019 को पुलिस ने उसे जेल में दाखिल कराया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने बताया कि यहां जांच कराने पर पता चला कि दानिश मिर्गी रोग से पीड़ित है और नशे का आदी भी था। 16 मार्च को जेल में कैदी की तबियत खराब होने पर बंदीरक्षकों ने उसे एसटीएच में भर्ती कराया। अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई। उसकी मां फिरदौस और भाई मोईन को घटना के बारे में जानकारी दी गई है। मेडिकल चौकी पुलिस का कहना है कि दानिश के परिजन समय से नहीं आए। इसी कारण कैदी के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच बुधवार को कराया जाएगा।


अस्पताल में इलाज के दौरान बंदी की मौत
तीन दिनों से चल रहा था इलाज, नशेड़ी के साथ मिर्गी रोग से पीड़ित था

एक और बंदी अस्पताल में भर्ती
हल्द्वानी। उपकारागार से एक और बंदी हरेन को बंदीरक्षकों ने एसटीएच में भर्ती कराया है। ऊधमसिंह नगर पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जेल अधिकारियों ने बताया कि हरेन टीबी रोग से पीड़ित है। उसका पैर सड़ा है। जेल के कर्मचारी ऐसे कैदियों का रखरखाव को लेकर परेशान हैं।
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जेल में 50 नशेड़ी बने परेशानी का सबब
हल्द्वानी। उपकारागार में क्षमता से कई गुना अधिक 1150 कैदी है। इन कैदियों में 50 खतरनाक नशे के आदी है। कैदियों को संभालने में जेल अधीक्षक से लेकर कर्मचारियों को मुश्किल पेश आ रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या का कहना है कि सामान्य कैदी को खाना और नाश्ता देने के बाद कर्मचारी चैन की सांस लेते हैं लेकिन नशेड़ी कैदियों के साथ ऐसा नहीं है। नशेड़ी कैदी कब क्या हरकत कर देंगे, इसके बारे में किसी को पता नहीं रहता है। नशेड़ियों की तबियत कभी भी खराब हो जाती है। उनकी हरकत से जेल के सभी कर्मचारी बेचैन हो जाते हैं। डर रहता है कि वे आत्महत्या का प्रयास न करें। जेल में नशेड़ियों को ठीक करने के लिए एक सेंटर की स्थापना की गई है लेकिन एक सेंटर नाकाफी है।
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