कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर किसी ने अश्लील फोटो अपलोड कर दी। कमिश्नर ने एसएसपी को निर्देश दिए कि फर्जी पेज को ब्लॉक कर कार्रवाई करें। पुलिस की साइबर सेल जांच में जुट गई है। हालांकि अभी मुकदमा नहीं लिखा है।
कमिश्नर दीपक रावत सोशल मीडिया में खासे सक्रिय रहते हैं। फेसबुक से लेकर यू-ट्यूब चैनल तक में उनके लाखों फाॅलोअर हैं। शुक्रवार को अश्लील फोटो अपलोड होने का मामला सामने आया तो लोगों ने इसके स्क्रीनशॉट लेकर वायरल करना शुरू कर दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि किसी ने दीपक रावत आईएएस ऑफीसर नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई थी जिसके फेसबुक स्टोरी विकल्प से अश्लील फोटो अपलोड की गई थी। पुलिस की साइबर सेल का कहना है कि आधिकारिक डाटा आने में दो दिन का समय लग सकता है। एसपी सिटी हरबंश सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है जांच की जा रही है।
फर्जी फेसबुक आईडी बनाने की जानकारी मुझे मिली थी। इसके बाद एसएसपी पीएन मीणा को फोन कर मामले की जांच करने और इस तरह की गलत हरकत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
-दीपक रावत, कुमाऊं कमिश्नर
साइबर हैकरों के निशाने पर रही है उत्तराखंड पुलिस
उत्तराखंड के अधिकारियों के सोशल मीडिया साइट साइबर अपराधियों के निशाने पर लगातार रही है। इससे पहले भी कई अधिकारियों, कर्मचारियों के सोशल मीडिया अकाउंट को साइबर अटैक हो चुके हैं। इनकी जांच करने वाली उत्तराखंड पुलिस भी इससे अछूती नहीं रही है।
पुलिस का पेज भी हुआ था हैक
23 अक्तूबर 2023 को उत्तराखंड पुलिस का आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी साइबर अटैक हुआ था। इस फेसबुक पेज के प्रोफाइल पर किसी ने अश्लील फोटो लगा दी थी। करीब तीन मिनट तक यह फोटो प्रोफाइल पर लगा रहा था। आनन-फानन प्रोफाइल फोटो बदली गई थी।
चमोली पुलिस भी हुई थी शिकार
6 दिसंबर 2023 को चमोली पुलिस भी साइबर अपराधियों का शिकार बनी थी। चमोली पुलिस के फेसबुक पेज को साइबर हैकरों ने हैक कर कुछ दिन तक कोई कदम नहीं उठाया मगर इसके बाद कुछ अश्लील फोटो अपलोड किए गए। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिसकर्मियों के फेसबुक अकाउंट पर हुआ था हमला
30 जुलाई 2020 को देहरादून में तैनात तीन दरोगाओं की फजी फेसबुक आईडी बनाकर फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी गई और बकायदा परिचितों से रुपये मांगे गए थे। काठगोदाम चौकी इंचार्ज का भी फेसबुक आईडी हैक कर रुपये मांगे गए थे।
ट्रैफिक का एप भी किया हैक
साइबर हैकरों ने उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेजों के साथ ही ट्रैफिक आईएप को भी हैक कर लिया था। साल 2022 में यह साइट हैक होने से लोगों को चालान के फर्जी मेल भी भेजे गए थे, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई भी की थी।