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नगर निगम में पार्षद ने आत्मदाह की कोशिश की

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हल्द्वानी नगर निगम के मुख्य गेट को खुलवाने के लिए पार्षदों और पुलिस के बीच में होती धक्कामुक्की। - फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। नगर निगम दफ्तर में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक पार्षद लईक कुरैशी ने नगर आयुक्त के नहीं आने पर आत्मदाह की कोशिश की, जिसे साथियों ने बचा लिया। पार्षद देर तक नगर आयुक्त की मांग करते रहे लेकिन वह नहीं आए। अंत में पार्षद धरने पर बैठ गए और उन्होंने निगम के दोनों गेटों पर ताला जड़ दिया, जिससे कर्मचारी तीन घंटे तक बंधक रहे। बाद में पुलिस ने आकर गेट खोलकर कर्मचारियों को बाहर निकाला।
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नगर में गंदगी और कूड़ा उठाने की मांग को लेकर पार्षदों ने नगर निगम में शुक्रवार की शाम तालाबंदी की। धरने पर बैठे पार्षदों का कहना था कि सफाई कर्मियों के आंदोलन के कारण शहर की गलियां और सड़कें कूड़े से बजबजा रही हैं। समय रहते सफाई नहीं कराने पर महामारी भी फैल सकती है। नगर आयुक्त सफाई की व्यवस्था नहीं करा रहे हैं। पार्षद गुफरान ने नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया को नगर निगम में वार्ता के लिए बुलाया लेकिन नगर आयुक्त नहीं आए। गुस्साए पार्षदों ने नगर निगम में तालाबंदी कर दी। पार्षदों ने दोनों गेटों पर ताला जड़ दिया, जिस वजह से कर्मचारी तीन घंटे तक बंधक बने रहे।
सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। गेट खोलने को लेकर पुलिस और पार्षदों के बीच धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने नगर निगम के कर्मचारियों को गेट खोलकर बाहर निकाला। इस बीच पार्षद लईक कुरैशी ने अपनी बाइक से पेट्रोल निकालकर आत्मदाह की कोशिश की लेकिन साथी पार्षदों ने उसे ऐसा करने से रोक लिया। फिर भी नगर आयुक्त नगर निगम नहीं आए। अंत में पार्षद धरने पर बैठ गए।
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इस बीच सहायक नगर आयुक्त बिजेंद्र चौहान ने पार्षदों को मनाने की कोशिश की लेकिन पार्षद नगर आयुक्त को बुलाने की मांग पर अड़े थे। रात में पार्षद गुफरान, लईक कुरैशी, रईस गुड्डू वारसी, शकील अंसारी, तौफीक, महेश चंद, डेविड, ध्रुव कश्यप, इस्लाम आदि धरने पर मौजूद थे।
पार्षदों समेत सात के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज
हल्द्वानी। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि नगर आयुक्त की तहरीर में आरोप है कि शुक्रवार को दोपहर तीन बजे पार्षदों ने समर्थकों के साथ नगर निगम कार्यालय में तालाबंदी की। इससे अधिकारी और कर्मचारी भयभीत हो गए। आरोप है कि पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय में अराजकता कायम की है। वे पहले नगर आयुक्त को ज्ञापन देने आए थे। इसकी जानकारी पर उन्होंने सहायक नगर आयुक्त को ज्ञापन देने के लिए कहा, जबकि सहायक नगर आयुक्त ने ज्ञापन मांगा तो उन्होंने ज्ञापन नहीं दिया। इस बीच पार्षद गेट बंद कर अनैतिक रूप से धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों और अधिकारियों को पांच बजे के बाद भी बंधक बनाया गया।
कोतवाल रतूड़ी ने बताया कि इस मामले में पार्षद मो. गुफरान, जीशान परवेज, लईक कुरैैशी, रूमी वारसी, शकील अंसारी, महबूब आलम, मो. इस्लाम के खिलाफ धारा 342 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस मुकदमे की विवेचना कर रही है।
जिस समय पार्षद नगर निगम में आए थे। उस समय मैं एक जरूरी बैठक में था। इसी कारण मैंने ज्ञापन कार्यालय में देने के लिए कहा था लेकिन पार्षदों ने तालाबंदी कर कर्मचारियों को करीब तीन घंटे बंधक बनाया। बाद में पुलिस ने सभी लोगों को बाहर निकाला। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
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- चंद्र सिंह मर्तोलिया, नगर आयुक्त
एक पार्षद ने समर्थन वापस लिया
भाजपा समर्थित पार्षद महबूूब आलम कुछ देर तक आंदोलन कर रहे पार्षदों के साथ मौजूद रहे लेकिन धरना देने पर महबूब ने अपना समर्थन वापस ले लिया और चले गए।
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