रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क ने पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नया गर्जिया जोन शुरू किया है। कॉर्बेट का यह नया जोन साहसिक खेलों से भरपूर है, जहां पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले रहे हैं और वहीं पर्यटक पहाड़ियों पर ऊपर नीचे चलकर साहसिक खेलों का लुत्फ उठा रहे हैं।
कॉर्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी जोन के बफर जोन में गर्जिया जोन का निर्माण किया गया है। इस जोन को सर्पदुली रेंज और बिजरानी रेंज को जोड़कर बनाया गया है। इसमें दो चौड़ रिंगौड़ा और फूलताल हैं, जिनमें वन्यजीवों की हलचल या विचरण को आसानी से देखा जा सकता है। वहीं इस जोन की विशेषता यहां की पहाड़ियां हैं, जिन पर जिप्सी में सवार होकर पर्यटक साहसिक खेलों का अनुभव कर रहे हैं। इस जोन में जैव विविधता का अपार भंडार होने और चौड़ एवं पहाड़ियां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। यह जोन 40 स्क्वायर हेक्टेयर में फैला है, जिसमें हिरन, सांभर, भालू, हाथी, बाघ, तेंदुए आदि विचरण करते हैं।
यह जोन बेहद रोमांचक बनकर तैयार हुआ है। हालांकि कॉर्बेट पार्क का ढिकाला जोन विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन अगर साहसिक खेलों की बात करें तो यह जोन कॉर्बेट के सभी जोनों से बेहतर है। करीब 45 किमी की सड़कों का निर्माण इस जोन किया गया है और करीब छह किमी की सड़कें पहाड़ियों पर बनाई गई हैं, जिन पर सफारी का अलग ही आनंद है।
जोन में जाती हैं 30-30 जिप्सियां
कॉर्बेट के नए गर्जिया जोन को 15 नवंबर को ढिकाला जोन के साथ ही पर्यटकों के लिए खोल दिया गया था। बताया कि पहले दिन गर्जिया जोन में 24 जिप्सियों ने प्रवेश लिया है। कॉर्बेट प्रशासन ने गर्जिया जोन में पर्यटकों के भ्रमण के लिए 30 जिप्सी सुबह और 30 जिप्सी शाम की व्यवस्था की हैं। अब तक इस जोन में एक हजार से अधिक सैलानी जंगल सफारी का आनंद ले चुके है।
जैव विविधता से भरपूर गर्जिया जोन
गर्जिया जोन के जंगल में साल, रोहणी, ढाक, बांकुली, बेल, तेंदू, बेर, कठबेर, चिल्ला, सेमल, झिंगन, खरपट के अलावा पहाड़ियों के ढलानों पर कुसुम, कचनार, पूला जैसे वृक्ष जहां पर्यावरण को संरक्षित किए हुए हैं। वहीं नमी वाले जगहों पर जामुन, हल्दू, कंजू, नदी के तट पर खैर, शीशम सेमल आदि हैं। शरद ऋतु में नमी वाले स्थानों पर तितलियों की भरमार रहती हैं। कार्बेट में करीब 100 से अधिक प्रजातियों की तितली चिह्नित की जा चुकी है।