पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन से बाहर आने के बाद आर्य ने आरोप लगाया कि पुलिस दबाव में है और भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं है, उनके हाथों में प्रदेश की बागडोर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो कांग्रेस हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगलराज और माफियाराज चल रहा है तथा सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आवाज मजबूत है और इस मुद्दे पर पूरी ताकत से संघर्ष किया जाएगा।
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पुलिस पर लगाया पक्षपात करने का आरोप
हल्द्वानी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने जारी बयान में पुलिस प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सीओ हल्द्वानी के कार्यालय पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी। दो घंटे बाद एसएसपी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच करने के बाद निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई तो कांग्रेस की तहरीर पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मंगलवार सुबह 11 बजे तक कांग्रेस की ओर से दी गई तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो पार्टी प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है। उन्हाेंने बताया कि पहले उत्तराखंड प्रभारी शैलजा का मंगलवार को हल्द्वानी आने का कार्यक्रम था जो स्थगित हो गया है।
भाजपा अब हिंदुओं में भी विभाजन कर रही
पूर्व विधायक जीत राम ने कहा कि भाजपा ने पहले हिंदू-मुस्लिम किया और अब हिंदुओं में भी विभाजन कर रही है। अनुसूचित जाति के खिलाफ प्रोपेगेंडा शुरू कर दिया है। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और अब कांग्रेस सत्याग्रह आंदोलन चलाएगी।
राहुल गांधी ने दलित समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दे को उठाया
कांग्रेस एससीएसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इंदर पाल आर्य ने कहा कि राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय और दलित समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दे को उठाया है। इसे आपत्तिजनक या भड़काऊ बताकर मुकदमा दर्ज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक असहमति को मुकदमों के जरिए दबाने के बजाए पूरे घटनाक्रम और तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।