शिक्षा व्यवस्था किस ढर्रे पर चल रही होगी इसका अंदाजा यहां के राजकीय विद्यालयों में मुखियाओं की कमी से लगाया जा सकता है। कुमाऊं के पांच पर्वतीय जिलों के 569 इंटर कॉलेजों में से मात्र 100 में ही प्रधानाचार्य हैं, शेष 469 इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन हैं।
चंपावत
नैनीताल
कई विद्यालयों में प्रधानाचार्य नहीं है। नियुक्ति के लिए विभाग से पत्राचार किया गया है। जल्द प्रधानाचार्यों की कमी दूर हो जाएगी। -लीलाधर व्यास, अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा नैनीताल।