रचनात्मक शिक्षक मंडल द्वारा ढेला में चल रहे शिक्षक विद्यार्थी सांस्कृतिक कार्निवाल का समापन सांस्कृतिक जुलूस के साथ हुआ। जुलूस से पूर्व फिल्मकार सुदर्शन जुयाल ने बच्चों को कागज से विभिन्न चित्रों को बनाने की जापानी कला की जानकारी दी। उन्होंने पशु, पक्षियों के मॉडल बनाने के भी गुर बताए।
जुयाल ने बच्चों ने अपील की कि पांच दिन में सीखे गये रंगमंच व सिनेमा की बारीकियों पर वे लगातार अध्ययनरत रहें। भोर संस्था के संजय रिखाड़ी के नेतृत्व में आई सांस्कृतिक टीम ने कबीर वाणी प्रस्तुत की। कार्यशाला के अंत में उत्तराखंड भर से आये हुए 100 से अधिक बच्चों के साथ ही शिक्षकों ने गांव में सांस्कृतिक जुलूस निकाला।
फैज अहमद फैज, शैलेंद्र, गिर्दा के गीत गाते हुए सांस्कृतिक जुलूस का समापन वन विभाग की चौकी पर हुआ। कार्यशाला के संयोजक नवेंदु मठपाल ने बताया कि अगली पांच दिवसीय कार्यशाला जून माह में चमोली में आयोजित की जाएगी। जसमापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमाऊंनी के वरिष्ठ कवि मथुरादत्त मठपाल रहे।
इस दौरान अरविंद दरमोड़ा, गणेश नेगी, हेमंत भंडारी, त्रिलोक सिंह राणा, प्रियंका मावड़ी, अंबा कार्की, अंकित करगेती, हिमांशु पांडे, दीपा पांडे, कविंद्र बिष्ट, पुष्पेंदु मठपाल आदि मौजूद रहे।