हल्द्वानी। बेस अस्पताल में होम्योपैथी विभाग में कार्यरत उपनल महिला कर्मचारी की सोमवार को ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से मौत हो गई। अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट न होने और महिला कर्मी को बेहतर उपचार न मिलने का आरोप लगाकर परिजनों और विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने लोगों को किसी तरह शांत किया।
बेस अस्पताल के होम्योपैथी विभाग में कार्यरत उपनल कर्मचारी ललिता बिष्ट (40) पत्नी केएस बिष्ट निवासी जगदंबा नगर सोमवार सुबह अस्पताल में ड्यूटी कर रहीं थीं। सुबह करीब 9:15 बजे ललिता बिष्ट के सीने में तेज दर्द उठने पर स्टाफ ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती करवा दिया। इमरजेंसी में तैनात फिजीशियन डॉक्टर उनका उपचार कर रहे थे। उपचार के दौरान करीब 10:15 बजे हालत और बिगड़ने पर डॉक्टरों ने चेक किया तो उनकी नब्ज गायब हो चुकी थी।
बेस अस्पताल के स्टाफ के लोग उन्हें डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर जाते कि इससे पहले ही मौत हो गई। इधर, सूचना मिलने पर उपनल महिला कर्मी के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल में बेहतर उपचार न मिलने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद परिषद के कई कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल के पीएमएस डॉ. ओली से बातचीत करने की कोशिश की तो पता लगा कि वह घर जा चुके थे। कार्यकर्ताओं ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय भी मौके पर पहुंच गए। तीन बजे तक हंगामा चलता रहा।
पति की पहले ही मौत हो चुकी
हल्द्वानी। जगदंबा नगर निवासी उपनल कर्मचारी ललिता बिष्ट के पति केएस बिष्ट की कुछ समय पूर्व मौत हो चुकी है। उनके दो बच्चे हैं। बेटी रिया बिष्ट ने इसी वर्ष 12वीं पास किया है जबकि पुत्र मानसिक रूप से कमजोर है।