जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड के मौसम के बीच कई सड़कों पर डामरीकरण कराया जा रहा है। इससे डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थिति यह है कि सड़कों पर होने वाला हाटमिक्स रात में पाला पड़ने के कारण दो-तीन दिन के भीतर ही उखड़ जा रहा है जिससे सड़कों में पहले की तरह की गड्ढे दिखने लगे हैं।
औद्योगिक घाटी भीमताल की सड़कों में लोनिवि द्वारा कराए जा रहे हाटमिक्स में कई खामियां उजागर हो रही हैं। कुछ समय पहले प्रदेश सरकार के निर्माण समिति के सलाहकार देवेंद्र चनौतिया ने ठंड में कराए जा रहे हाटमिक्स कार्य को रुकवा दिया था, कुछ दिन काम बंद रहा लेकिन बाद में गुपचुप तरीके से शुरू कर दिया गया।
लोनिवि अब खुटानी से भीमताल की ओर हाटमिक्स करा रहा है। यहां भी कई जगह हाटमिक्स होने के बाद सड़कों में गड्ढे पड़ गए हैं या फिर डामर उखड़कर सड़क में बिखर गया है। इधर, रामगढ़ ब्लाक के ल्वेशाल-कालापाथर और भवाली-मुक्तेश्वर रोड में दुत्कानेधार से कसियालेख तक वर्तमान में हाटमिक्स काम कराया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि रात में पाला पड़ने के कारण हाटमिक्स एक दो दिन के भीतर ही सड़क से उखड़ जा रहा है। बता दें कि वर्तमान में धारी ब्लाक के पदमपुरी-बबियाड़ रोड में लाखों रुपये खर्च कर हाटमिक्स का कार्य कराया गया है। इस रोड में लगभग दस किलोमीटर तक हाटमिक्स का काम हो चुका है। ग्राम प्रधान संगठन के उपाध्यक्ष युगल किशोर बताते हैं कि ठंड के मौसम में होने वाला डामरीकरण ज्यादा दिनों तक सड़कों पर नहीं टिक रहा है।