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पब्लिक का करोड़ों रुपये समेट कर भागा कोचिंग संचालक

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हल्‍द्वानी बसंत विहार स्थित सांई कोचिंग संस्थान के संचालक सुमि‌त कुमार। अमर उजाला
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हल्द्वानी। शहर के चर्चित कोचिंग संस्थान सांई के संचालक पर कमेटी और किट्टी पार्टी के नाम पर करोड़ों रुपये लेकर एक युवती के साथ भाग जाने का आरोप लगा है। आरोप है कि उसने प्रधानाचार्या, अध्यापक और अभिभावकों को झांसे में लेकर पैसा वसूला। ठगी के शिकार लोग सोमवार को बसंत विहार, बद्रीपुरा और आवास विकास कालोनी स्थित सेंटरों पर पहुंचे। कुछ लोग बाइक सहित अन्य सामान उठाकर ले गए। संचालक अपने दोनों मोबाइल बदरीपुरा स्थित मकान में छोड़ गया है।
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कोचिंग सेंटर के अध्यापक विवेक असकोटी ने सोमवार को मुखानी थाने में लिखित शिकायत की। विवेक के अनुसार मूल रूप से बरेली के रहने वाले सुमित कुमार शर्मा ने करीब आठ साल पहले बसंत विहार में कोचिंग सेंटर खोला था। इस समय सेंटर की शाखाएं बदरीपुरा और आवास विकास कालोनी में हैं। आरोप है कि संचालक ने कोचिंग के साथ कमेटी और किट्टी पार्टी के नाम पर पैसा वसूलना शुरू किया। विवेक ने उसके झांसे में आकर दस लाख रुपये दिए। इसके एवज में विवेक को दो चेक और लिखित रूप से संपत्ति पर अधिकार जमाने का हक दिया गया।
आरोप है कि उसने पैसे वसूलने के लिए कोचिंग सेंटर की प्रधानाचार्य भावना आर्या सहित अन्य कर्मचारियों को भी लगाया था। अध्यापकों ने इस मामले में ट्यूशन पढ़ने आने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया। आरोप है कि कम समय में अधिक लाभ का आश्वासन देकर संचालक ने करोड़ों रुपये वसूले। पता चला है कि कोचिंग संचालक ने करीब 20 करोड़ रुपये का लेनदेन किया है। मुखानी थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस बारे में अमर उजाला ने संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका। संपर्क होने पर संचालक का पक्ष दिया जाएगा।
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आठ दिन से है लापता
प्रधानाचार्या भावना बताती है कि कोचिंग संचालक एक सप्ताह से लापता है। उसने भी सात लाख रुपये दिए थे। संस्थान की कर्मचारी रेनू जोशी, रिया मेहरा, गौरव जोशी भी पैसा लुटने से परेशान हैं।
राखी से लिए आठ लाख रुपये
अभिभावक राखी अग्रवाल ने बचाया कि कोचिंग सेंटर में उनका बच्चा पढ़ता है। इसी कारण कोचिंग संचालक उनके संपर्क में आया। आरोप है कि उसने लालच दिया कि किट्टी पार्टी की लाटरी खुलने पर पांच हजार का दस हजार रुपये तत्काल मिलेगा। उसने दूसरे से कर्ज लेकर पैसा लगा दिया। उसके पास कोचिंग संचालक की ओर से दिया गया चेक है। पता चला है कि उसके खाते में पैसा भी नहीं है।
कर्मचारियों को दो महीने से नहीं मिला वेतन
कर्मचारियों ने बताया कि संचालक ने उन्हें दो महीने से वेतन नहीं दिया है। काम के बावजूद पैसा नहीं मिलने से कर्मचारियों के साथ परिजन परेशान हैं। इस मामले में कर्मचारी भावना आर्या, आशीष सुयाल, कवल भट्ट, विनोद कुमार, शालिनी, हितेश कुमार, पूनम पांडे, बेबी कंचन, रोहित, संध्या ने एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक को नौ अगस्त को पत्र भेजा है।
पहले भी ठगी का शिकार हुए हैं लोग
हल्द्वानी। शहर में कमेटी के नाम पर धोखाधड़ी का यह नया मामला नहीं है। इससे पहले भी कई संचालक पैसा लेकर भाग चुके हैं। शहर का एक कारोबारी साढ़े चार करोड़ रुपये लेकर अस्पताल में भर्ती हो गया था। पैसा मांगने वाले भी उसकी हालत देखकर लौट आए। कई लोग कमेटी का कारोबार करने के बाद पैसा लेकर बैठ गए हैं। मजेदार बात यह है कि किसी ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। एक कारोबारी के पैसा नहीं देने पर निवेशकों ने मकान ही बेच दिया था।
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