रामनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार को रामनगर में प्रस्तावित कार्यक्रम में रोडवेज स्टेशन, एआरटीओ कार्यालय, मालधनचौड़ के महाविद्यालय का शिलान्यास करने के साथ ही कई सड़कों का भी लोकार्पण, शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री एमपी इंटर कॉलेज में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। एसडीएम पारितोष वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री दोपहर 1:50 बजे डिग्री कॉलेज मैदान हेलीपैड में पहुंचकर कार से कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे।
जहां पर वह दोपहर दो बजे से शाम 4:20 बजे तक विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सरकारी स्तर पर रिलीज होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं नगर, ब्लॉक कमेटियों के साथ ही समस्त फ्रंटल संगठन के लोग भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जुटे हैं।
रामनगर में उप संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) खुलने को हरी झंडी मिल गई है। परिवहन आयुक्त के अनुसार इसका विधिवत नोटिफिकेशन रविवार को जारी हो जाएगा। इसके कार्यक्षेत्र में रामनगर समेत अल्मोड़ा जिले की सल्ट, भिकियासैंण और पौड़ी गढ़वाल जिले की धूमाकोट तहसील शामिल हो सकता है। कार्यालय का शुभारंभ मुख्यमंत्री के जरिए कराने की तैयारी है। इसके लिए परिवहन सचिव, अपर परिवहन आयुक्त समेत कई आला अधिकारी रामनगर में डेरा डाले हैं।
रामनगर में एआरटीओ कार्यालय खोलने की मांग 2007 से हो रही है लेकिन, चार साल पहले काशीपुर में नया एआरटीओ कार्यालय खोल दिया गया था लेकिन रामनगर के लोगों की मांग पूरी नहीं हो सकी थी। अब रामनगर में भी एआरटीओ कार्यालय खोलने का फैसला कर लिया गया है। इसको लेकर परिवहन आयुक्त सीएस नपलच्याल, अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह समेत कई अधिकारी ने शनिवार को दिनभर रामनगर में डेरा डाला था। बताया जाता है कि कार्यालय को प्रारंभिक तौर पर रामनगर तहसील परिसर में ही खोलने का फैसला लिया गया है।
इसके लिए कमरा आदि भी तलाश करने के साथ अन्य प्रक्रिया पूरी की गई है। शुरुआत में एक एआरटीओ और चार लिपिकों को तैनात करने की बात कही जा रही है। कार्यालय का शुभारंभ मुख्यमंत्री के माध्यम से कराने की तैयारी है। परिवहन आयुक्त ने रविवार को कार्यालय खुलने और इसका नोटिफिकेशन जारी करने की बात कही है।
हालांकि एआरटीओ रामनगर कार्यालय में कौन-कौन सा इलाका शामिल होगा, यह नोटिफिकेशन के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन माना जा रहा है कि इसके कार्यक्षेत्र में रामनगर तहसील समेत अल्मोड़ा जिले की भिक्यिासैंण, सल्ट तहसील और गढ़वाल की धूमाकोट तहसील का इलाका शामिल हो सकता है। रामनगर में करीब दस वर्ष पहले खुले जल संस्थान का कार्यक्षेत्र भी सल्ट, धूमाकोट तक तय हुआ था।
हल्द्वानी। रामनगर से हल्द्वानी के बीच करीब 60 किमी की दूरी है। ऐसे में खासकर कॉमर्शियल वाहन स्वामियों वाहन को हल्द्वानी संभागीय कार्यालय में फिटनेस, टैक्स, सरेंडर से लेकर परमिट आदि के लिए चक्कर लगाना पड़ता है।
निजी वाहन स्वामियों को वाहन रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के लिए कार्यालय पहुंचने में ज्यादा समय और पैसा लगाना पड़ता है। इसमें समय और पैसा दोनों खर्च होता है। कार्यालय खुलने से लोगों की यह दौड़ खत्म होगी। चेकिंग का काम भी और प्रभावी तरीके से हो सकेगा। इससे सड़क दुर्घटनाएं भी घटने की उम्मीद है।
हल्द्वानी। रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत भाबर, तराई और पहाड़ को एक साथ साधने के लिए रामनगर पहुंच रहे हैं। अकारण नहीं है कि रामनगर में एआरटीओ कार्यालय की नौ साल पुरानी मांग को पूरा करने के लिए रातों-रात खाका तैयार हुआ। ऐसे में मुख्यमंत्री हरीश रावत के रामनगर से चुनाव लड़ने की संभावना को और बल मिला है।
रामनगर-मार्चुला राष्ट्रीय राजमार्ग रामनगर पहाड़ की एक तरह से लाइफ लाइन है। ऐसे में रामनगर में उपसंभागीय परिवहन कार्यालय स्थापित करने का मतलब है कि तराई, भाबर और गैरसैंण तक के इलाकों के लोगों की नौ साल पुरानी मांग को पूरा करना। रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत इस उपसंभागीय परिवहन कार्यालय का शुभारंभ करने जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के शुभारंभ की योजना बनी और तुरंत ही धरातल पर भी उतर आई।
रामनगर कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुईं अमृता रावत का निर्वाचन क्षेत्र है। अमृता रावत की वजह से ही यहां भाजपा नेता सतपाल महाराज की साख भी दांव पर है। रामनगर विधानसभा से सटी हुई कालाढूंगी, बाजपुर, काशीपुर, जसपुर विधानसभाएं हैं। रामनगर के ही प्रभाव क्षेत्र में सल्ट भी मानी जाती है। यही वजह है कि यहां से रणजीत रावत के चुनाव लड़ने की चर्चा भी आम है।
कुछ दिन पहले ही रामनगर में कांग्रेस का चुनाव कार्यालय खुलने से यह भी माना गया था कि यहां से मुख्यमंत्री हरीश रावत चुनाव लड़ सकते हैं। अब उप संभागीय कार्यालय खुलने से यहां से मुख्यमंत्री हरीश रावत के चुनाव लड़ने की चर्चा को और बल मिला है।