मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के फर्जी आईएएस प्रकरण को गंभीर मामला बताया है। कहा कि वैसे तो इस प्रकरण की जांच के लिए अकादमी अपने आप में सक्षम है, लेकिन फिर भी इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
शुक्रवार शाम बार एसोसिएशन आफ इंडिया के सेमीनार का उद्घाटन करने पहुंचे सीएम रावत ने पत्रकारों से वार्ता की। बेमौसमी बारिश से फल एवं सब्जियों के बर्बाद होने के सवाल पर सीएम ने कहा कि फसलों और फलों को जो नुकसान हुआ है, उसका सही आकलन नहीं हो सका, नतीजतन नुकसान की सही जानकारी अभी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा से हुए नुकसान का दोबारा आकलन करने संबंधी निर्देश जिला प्रशासन को दे दिए गए हैं।
प्रदेश की विभिन्न नदियों में हो रहे अवैध खनन के मुद्दे पर सीएम बोले कि राज्य में नदियों का खासा विस्तार है और ऐसे में नदियों में खनन कराने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए शासन स्तर पर नया प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निजी क्षेत्र के लोग आगे आते हैं तो नदियों की नीलामी कर उन्हें निजी हाथों में सौंपा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार मुक्तेश्वर, चौपटा और दायरा बुग्याल क्षेत्र को साइलेंट जोन बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक सरिता आर्या और कांग्रेसी नेता राम सिंह कैड़ा आदि भी मौजूद थे।