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जंगल के रास्ते बंद, कैसे होगी गश्त 

Sun, 11 Sep 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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हल्द्वानी वन प्रभाग और नंधौर अभ्यारण्य की सुरक्षा व्यवस्था सवालों में है। जंगल में गश्त के करीब सभी रास्ते बंद हैं। इसमें कुछ मार्ग तो एक साल से बंद पड़े हैं। जौलासाल के जंगल में हथियार बनाने की अवैध फैक्ट्री चलाने वालों की तलाश के लिए भी पुलिस और वन विभाग की टीम को परेशानी हो रही है। 
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बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों की दृष्टि से हल्द्वानी वन प्रभाग समृद्धशाली है। इसका प्राकृतिक स्वरूप बना हुआ है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते सुरक्षा व्यवस्था सवालों में है। नंधौर अभ्यारण्य और हल्द्वानी वन प्रभाग में गश्त के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग नंधौर से टनकपुर 75 किमी का है, यह रास्ता बंद पड़ा है।

जबकि गश्त के लिए सबसे ज्यादा इसी मार्ग का इस्तेमाल होता है। दूसरे नंबर पर 30 किमी लंबा नंधौर - आंवलाखेड़ा-दुर्गापीपल मार्ग है, यह मार्ग मई से बंद है। तालबटिया-जौलासाल और खोलगढ़ का रास्ता तैयार किया गया था। यह रास्ता भी बरसात के बाद से बंद है।
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इसी तरह नेपाल सीमा की तरफ जाने वाला संवेदनशील करीब 22 किमी लंबा सेनापानी-डांडा मार्ग भी बंद है। इन मार्गों से ही हल्द्वानी वन प्रभाग के छह रेंजों की गश्त, सुरक्षा होती है, अब केवल वैकल्पिक और जुगाड़ के जरिये ही जैसे-तैसे गश्त की जा रही है।

ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही का फायदा उठाकर अपराधी जंगल में डेरा जमाने के साथ अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री तक खोल रहे हैं। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डा. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि गौला कार्पस से एक करोड़ की प्रारंभिक राशि हल्द्वानी वन प्रभाग को उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे जल्द से जल्द बंद मार्गों को खोला जा सके।

इसके अलावा जल्द ही पश्चिमी वृत्त की मीटिंग कर नए सिरे से सुरक्षा व्यवस्था पर मातहत अफसरों से बातचीत होगी और आवश्यक सुधार किए जायेंगे।

टीम ने छाना जंगल, हाथ खाली
जौलासाल जंगल में हथियार बनाने की अवैध फैक्ट्री मिलने के बाद से पुलिस और वन विभाग की टीम ने शनिवार को भी जंगल में तलाशी अभियान चलाया। सबसे संदिग्ध और दुर्गम इलाके में से एक कारोकोट में भी टीम ने खोजबीन की है।

यहां पर पूर्व में शिकारियों के साथ भिड़ंत भी हो चुकी है। लेकिन, टीम को अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। जंगल में अपराधियों का सुराग न मिलने की बात कही जा रही है। एसओटीएफ टीम ने भी जंगल में खोजबीन की है। वहीं, हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर सनवाल ने नेपाल सीमा के करीब शारदा रेंज में खोजबीन अभियान चलाया।
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