नैनीताल। नैनीताल निवासी वैज्ञानिक गायत्री कठायत का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते देश में खेती भी प्रभावित हो रही है। जिसके चलते काश्तकारों का खेती से मोह भंग हो रहा है। गायत्री का दावा है कि नई तकनीक से कृषि क्षेत्र में लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
सोमवार को नैनीताल में पत्रकारों से बातचीत में गायत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य में छोटे किसान खेती छोड़ रहे हैं। इससे गांवों में पलायन बढ़ा है। ऐसे में देश के अन्य राज्यों से सब्जी और फल उत्तराखंड में आ रहे हैं। कहा कि कृषि के माध्यम से राज्य का आर्थिक विकास संभव है। मौजूदा समय में काश्तकारों को अपने आसपास की भौगोलिक स्थितियों और जलवायु के अनुरूप फल सब्जी का उत्पादन करना होगा और खेती में नई तकनीकों को शामिल करना होगा।
उन्होंने बताया कि अब तक वह विश्व के कई देशों में खेती पर शोध कर चुकी हैं। कहा कि वह अपने अनुभव का लाभ राज्य के काश्तकारों तक पहुंचाना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंनेे रामगढ़ के दाड़िमा गांव में कृषि भूमि खरीदी है। इस भूमि में वह नई तकनीक के साथ खेती व बागवानी करने, माइक्रो वैदर सेटअप स्थापित करने की योजना है, ताकि भविष्य में क्षेत्र के लोगों को उन्नत खेती के साथ आर्थिक लाभ मिले। गायत्री का कहना है कि दाड़िमा क्षेत्र में वह अपने कार्य को शुरू कराने के लिए प्रशासन की अनुमति के बाद सरकारी सड़क को निजी स्तर पर साफ करा रही थीं लेकिन एक स्थानीय नेता ने काम रुकवा दिया। उन्होंनेे इस संबंध में डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग भी की है।