ज्योलीकोट/भवाली (नैनीताल)। वन अनुसंधान केंद्र गांजा ज्योलीकोट में विश्व वानिकी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख वन संरक्षक और उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राजीव भरतरी ने वनों के संरक्षण पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि वनों को स्वस्थ दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने के लिए उत्पादन के साथ उपभोग भी महत्वपूर्ण और जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर ध्यान देने की आवश्यकता है और विभाग इसी पर कार्य कर रहा है। भारत में अन्य देशों से लकड़ी आयात को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मुहिम को सफल बनाने के लिए भी लकड़ी के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत बताई। भरतरी ने रिचर्स विंग वेबसाइट (प्रतीक चिन्ह) जैव विविधता पर प्रकाशित किताब का लोकार्पण और सूचना केंद्र का उद्घाटन किया। इससे पूर्व उप वन संरक्षक रिसर्च कुंदन कुमार, वन रेंज अधिकारी नितिन पंत ने मुख्य अतिथि को रुद्राक्ष का पौधा भेंट करने के साथ अनुसंधान के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों और शोध कार्यों की जानकारी दी। प्रमुख वन संरक्षक भरतरी ने अनुसंधान वृत्त के कार्यों की सराहना की। इस दौरान स्कूली बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई और उन्हें विषय संबंधित विविध जानकारी दी गई। इधर, भवाली के सातताल रोड स्थित सोसायटी शिखर सनीलेक के निवासियों ने 100 से अधिक पौधों का रोपण कर विश्व वानिकी दिवस मनाया। सनीलेक निवासी नीरज गर्ग ने 10 पेड़ और सुबीर मलिक और अनु मलिक ने 90 पेड़ सोसायटी के लोगों को वितरित किए। प्रीति सागर गर्ग ने बताया कि प्रकृति के संरक्षण के लिए हमें वनों की रक्षा करनी चाहिए।