हल्द्वानी में परीक्षाफल में सुधार की मांग के लिए एमबीपीजी कॉलेज के छात्र प्राचार्य कक्ष और लाल बहादुर शास्त्री भवन के कक्ष की छत पर चढ़ गए। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच खींचातानी भी हुई। किसी तरह छात्रों को छत से उतारा गया। इसके बाद छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट में तालाबंदी कर प्राचार्य कक्ष में धरना दिया। प्राचार्य ने उन्हें जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया जिसके बाद छात्र माने। छात्रों ने शीघ्र मांगे पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को एमबीपीजी कॉलेज के छात्र उमाशंकर तिवारी, चंदन मेवाड़ी, हर्ष शर्मा, लक्की मेवाड़ी सहित कई अन्य छात्र परीक्षाफल में सुधार करने की मांग को लेकर प्राचार्य कक्ष की छत पर चढ़ गए। पुलिस ने जब उन्हें यहां से नीचे उतारा तो वे नारे लगाते हुए लाल बहादुर शास्त्री भवन की छत पर चढ़ गए और विश्वविद्यालय के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जताई। किसी तरह पुलिस ने उन्हें छत से भी नीचे उतारा लेकिन इस दौरान उनकी पुलिस से हल्की झड़प भी हुई।
छात्रों ने छत से नीचे उतरने के बाद कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्राचार्य कक्ष में करीब दो घंटे तक धरना दिया। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खराब परीक्षाफल के कारण कई विद्यार्थी मासिक तनाव में आ गए हैं, कइयों का साल बर्बाद हो रहा है। साथ ही कई विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन मौन साधे हुए है।
परीक्षा में व्यवधान ना हो तैनात रही पुलिस
छात्रों के आंदोलन से एमबीपीजी कॉलेज में बैक परीक्षाओं में व्यवधान न हो इसलिए कॉलेज प्रशासन ने एक दिन पूर्व ही पुलिस को सूचना दे दी थी। जिन कक्षाओं में परीक्षाएं चल रही थी, वहां तालाबंदी कर दी गई थी। हालांकि छात्रें ने परीक्षा में व्यवधान नहीं किया। वह अपनी मांगों को लेकर प्राचार्य से लगातार बात करते रहे और समस्या का समाधान करने की मांग करते रहे।
काॅपियां रिचेक नहीं होतीं : प्राचार्य