मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चोरगलिया नामांतरण समिति प्रतिनिधि मंडल के नाम बदलने के प्रस्ताव को सहमति देते हुए इसका नाम नंधौर वैली किए जाने की संस्तुति राजस्व सचिव को कर दी है। राजस्व सचिव को शीघ्र नए नाम का शासनादेश जारी करने का निर्देश दिया गया है।
अमर उजाला द्वारा चोरगलिया नाम बदलने के लिए चलाए गए अभियान के बाद क्षेत्र के युवाओं ने नामांतरण के लिए संघर्ष समिति का गठन कर जनसमर्थन जुटाया। 24 जुलाई को हुई महापंचायत में क्षेत्र के सभी प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, जिला पंचायत सदस्य समेत तमाम राजनीतिक दलों के जुड़े लोगों ने नारायण नगर नाम से नए नाम की मुहर लगाई।
नैनीताल जिले में दो नारायण नगर बन जाने से नाम, पते के लिए पिन कोड की दिक्कत को देखते हुए संघर्ष समिति से क्षेत्रवासियों ने वैकल्पिक नाम पर विचार करने को कहा। संघर्ष समिति ने नारायण नगर के अलावा ग्रीन वैली और नंधौर वैली नाम सुझाए। चोरगलिया नामांतरण समिति प्रतिनिधि मंडल ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री से देहरादून में मुलाकात की।
सीएम रावत ने राजस्व सचिव को चोरगलिया (नैनीताल) का नाम बदलकर नंधौर वैली करते हुए शीघ्र शासनादेश जारी करने और रिकार्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधि मंडल में मनोज बर्गली, भुवन पोखरिया, रमेश वारियाल, बलवंत बोरा, रमेश वारियाल, कृष्णानंद पांडे, नारायण जोशी, मोहन संभल, मुकेश बर्गली, मोहित नेगी आदि थे। संघर्ष समिति पदाधिकारी शुक्रवार को राजस्व सचिव से मुलाकात कर 15 अगस्त तक शासनादेश जारी करने का अनुरोध करेंगे।
राजस्व सचिव को मुख्यमंत्री ने यह लिखा
सचिव राजस्व: चोरगलिया (नैनीताल) राजस्व गांव का नाम बदलकर नंधौर वैली किया जाए। यथा रिकार्ड दुरुस्त करें।