कोटाबाग ब्लाक के डौनपरेवा गांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय दीवान सिंह बिष्ट की 70वीं पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री को 15 मिनट तक लोगों का आक्रोश भी झेलना पड़ा।
मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हेलीकाप्टर से इंटर कॉलेज मैदान पर उतर कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय दीवान सिंह बिष्ट की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद लोगों का अभिवादन किया।
जैसे ही मुख्यमंत्री भाषण देने उठे वहां मौजूद दर्जन भर से अधिक महिलाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया। महिलाओं ने कहा, पहले अब तक की गई घोषणाएं पूरी करो और वापस जाने लगीं। आयोजकों ने उन्हें बमुश्किल शांत किया।
विरोध समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का बखान शुरू कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया की पिछले साल मैंने यहां पांच घोषणाएं की थीं।
कहा कि इंटर कॉलेज के फील्ड निर्माण के लिए अब पैसा स्वीकृत हो गया है, यह धनराशि पांच से दस दिन के भीतर आ जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय दीवान सिंह बिष्ट के स्मारक के उच्चीकरण के लिए भी पैसा मंजूर कर दिया गया है, जो जल्द ही आ जाएगा।
जो दो सड़के बनाने के लिए कहा था, उसका शासनादेश हो गया है। इसके साथ ही आईटीआई खोलने की घोषणा के साथ ओखलकांडा जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण कर इंटर कॉलेज बनाने ती बात कही। के साथ
कार्यक्रम की अध्यक्षता शहीद दीवान सिंह बिष्ट के भतीजे जीवन सिंह बिष्ट ने की। विधायक एवं संसदीय कार्यमंत्री सरिता आर्या ने बुकें देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व पालिकाध्यक्ष भागीरथ लाल चौधरी, ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, कार्यक्रम संयोजक गोपाल दत्त तिवारी, आशा बिष्ट, शेर सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह नेगी, हीरा सिंह नेगी, कांता बल्लभ, आरसी बिष्ट, विपिन भट्ट, सरिता भट्ट, चंदन राम, दुर्गादत्त कांडपाल, प्रभा पांडे, कमल जोशी, मदन बिष्ट, हीरा सिंह, हरीश चंद सती, दीपा सती, नारायण पाल के अलावा डीआईजी अजय रौतेला, डीएम दीपक रावत, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, सीडीओ ललित मोहन रयाल, एडीएम आरडी पालीवाल, एएसपी यशवंत चौहान, एसडीएम वंदना सिंह, परितोष वर्मा आदि थे।
अगली बार जो आएगा, उससे करवाना मांग पूरी: रावत
मुख्यमंत्री हरीश रावत को डौनपरेवा में ओखलकांडा की महिलाओं का विरोध झेलना पड़ा। मुख्यमंत्री भी उनके विरोध को देखकर झल्ला गये और तपाक से बोले, अगली बार जो आएगा तो उससे ही मांगे मनवा लेना।
उन्होंने कहा जन्मदिन में श्रद्धांजलि के दो शब्द तो कहने दो ऐसे मौके पर यह तरीका ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां आकर कहीं गलती तो नहीं हो गई। शहीद के नाम पर लोग यहां आते हैं। ऐसा ही करोगे तो लोग यहां आना बंद कर देंगे, जिसका आप ही का नुकसान होगा।