हल्द्वानी। उपनल कर्मियों की हड़ताल से सुशीला तिवारी अस्पताल की व्यवस्थाएं लड़खड़ा गईं। ओपीडी में मरीजों की जांचें नहीं हुईं। ऑपरेशन भी बंद हो गए हैं। एसटीएच के वार्ड में वार्ड ब्वाय नहीं पहुंचे। वार्डों में कूड़े का ढेर लगा रहा। बायोमेडिकल वेस्ट भी एक किनारे पर पड़ा रहा। उपनल कर्मियों ने एसटीएच में नारेबाजी कर मांगें न पूरे होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया। प्रशासन, मेडिकल कॉलेज एवं एसटीएच प्रबंधन और उपनल कर्मियों के बीच वार्ता बेनतीजा रही।
राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसटीएच में कार्यरत 695 उपनल कर्मचारी समान काम के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने कार्य बहिष्कार किया था। शुक्रवार को हड़ताल कर दी। इससे ओपीडी का पर्चा बनवाने वालों को परेशानी हुई। पंजीकरण काउंटर और बिलिंग काउंटर एक-एक कर्मी के हवाले रहा।
सबसे अधिक परेशानी वार्डों में हुई। वार्ड ब्वाय के न होने के कारण डाक्टरों और नर्सों को परेशानी हुई। सुबह एसडीएम विवेक राय, कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ प्रमोद साह एसटीएच पहुंच गए थे। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी के साथ बैठक की। अधिकारियों ने पांच उपनल कर्मियों को बातचीत के लिए बुलाया मगर कोई नतीजा नहीं निकला।
दो सौ मीटर का नियम बताया तो मेडिकल कॉलेज चले गए
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में अधिकारियों ने अस्पताल परिधि के दो सौ मीटर में किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन न करने का नियम समझाया तो उपनल कर्मी धरना देने राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर चले गए। उपनल कर्मी नीरज हेड़िया ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय सभी ने एकमत से लिया है। प्रदर्शन में मोहन रावत, अजय कुमार, चंचल कुमार, चंदू कफलटिया, हेमा आर्या, दीपा जोशी, मोनिका माही, मनीष तिवारी, मनीष रौतेला, अंजलि बाफिला, सुशीला मसीह आदि मौजूद रहे।