हल्द्वानी। छेड़छाड़, धमकी, मारपीट और अभद्रता के मामले में जेल में बंद काठगोदाम पुलिस ने दृष्टि बाधित संस्था के महासचिव श्याम धानक के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। 160 पेज के आरोप पत्र को तैयार करने में पुलिस को 52 दिन लगे।
सितंबर में दृष्टि बाधित संस्था की एक छात्रा ने डाक से एसएसपी के नाम शिकायती पत्र भेजा था। उसने आरोप लगाया था कि श्याम धानक उसे गलत तरीके से छूता था। विरोध करने पर मारपीट और अभद्रता की जाती थी। उसे अकेले में बुलाया जाता था और गलत काम करने की भी कोशिश की जाती थी। छात्रा का कहना था कि तीन अन्य छात्राओं से भी गलत हरकत की गई थी।
एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने कार्यभार ग्रहण करते ही मामले में जांच बैठा दी थी। 11 अक्तूबर को काठगोदाम थाने में श्याम धानक के विरुद्ध दुष्कर्म, पॉक्सो, छेड़छाड़ और धमकी की धारा में केस दर्ज हुआ। 13 अक्तूबर को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और 14 अक्तूबर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था।
इसकी मामले की जांच के लिए काठगोदाम थाने में तैनात महिला एसआई को जांच अधिकारी बनाया गया। जांच अधिकारी ने पीड़िताओं के बयान दर्ज किए। साथ ही संस्था में जाकर भी पूछताछ की। कई और नाम सामने आने के बाद उनसे भी पूछताछ की गई। महिला जांच अधिकारी ने शनिवार को आरोप पत्र कोर्ट में सौंप दिया।
काठगोदाम के एसओ विमल मिश्रा ने बताया कि छात्रा से हैवानियत करने वाले आरोपी श्याम धानक पर प्राथमिकी कर विवेचना शुरू कर दी थी। शनिवार को आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए हैं।