मरीजों की परेशानी से न सरकार को फर्क पड़ता है और न स्वास्थ्य महकमे को। महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए महिलाएं सुबह से भटकती रहीं, लेकिन बताने वाला कोई नहीं था। डॉक्टर चारधाम यात्रा ड्यूटी पर हैं और मरीज परेशान हो रहे हैं।
महिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 अल्ट्रासाउंड होते हैं। गर्भवती महिलाओं के अलावा इमरजेंसी आने पर भी तत्काल अल्ट्रासाउंड किया जा जाता है। सुबह आठ से लेकर दोपहर लगभग दो बजे तक अल्ट्रासाउंड होता है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए महिलाओं की सुबह से ही लाइन लग जाती है। लोग सुबह सात बजे से अल्ट्रासाउंड के लिए पर्चा लगाने आ जाते हैं। मंगलवार को भी डाक्टर के अस्पताल में न होने के संबंध में कोई जानकारी चस्पा नहीं की गई थी। महिला अस्पताल में एकमात्र रेडियोलाजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया तैनात हैं।
डॉ. रखोलिया को चारधाम यात्रा में ड्यूटी पर भेजा गया है। डॉ. रखोलिया 11 जुलाई से 31 जुलाई तक इस ड्यूटी पर रहेंगे। डॉक्टर के संबंध में कोई जानकारी न होने के कारण महिलाएं और उनके परिजन प्रतिदिन सुबह सात बजे अस्पताल पहुंच जा रहे हैं। डॉक्टर के न होने की सूचना पर वापस लौटना पड़ रहा है। कई महिलाएं तो निजी लैब में जाकर अल्ट्रासाउंड करा रही हैं। शासन या स्वास्थ्य महकमे की ओर से अभी तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोई डाक्टर नहीं दिया गया है।
अल्ट्रासाउंड करने के लिए डॉक्टर साहब ने आज की डेट दी थी। यहां आने पर पता चला कि डॉक्टर नहीं हैं। अब प्राइवेट में जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ेगा। डॉक्टर के न होने संबंधी को सूचना भी अस्पताल में नहीं लगी है।
डॉली, कुसुमखेड़ा
सुबह सात बजे आ गए थे और तीन घंटे बैठने के बाद पता चला कि डॉक्टर साहब नहीं हैं और अल्ट्रासाउंड नहीं होगा। डॉक्टर ने आज अल्ट्रासाउंड करने के लिए बुलाया था।
सोनम, उजाला नगर
दर्द होने के कारण सुबह सीधे महिला अस्पताल आए और अल्ट्रासाउंड के इंतजार में बैठे रहे। दो घंटे बाद पता चला कि डॉक्टर साहब नहीं है और अल्ट्रासाउंड नहीं होगा।
मीना, चोरगलिया
अल्ट्रासाउंड कराना था। यहां आने पर पता चला कि डाक्टर साहब नहीं हैं और अल्ट्रासाउंड नहीं होगा। सुबह से कई महिलाएं इंतजार में थी और डाक्टर न होने की जानकारी मिलने पर लौट गई।
पुष्पा, गुनियालेख
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बेस में होंगे इमरजेंसी अल्ट्रासाउंड
हल्द्वानी। बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। महिला अस्पताल में आने वाले इमरजेंसी केस के अल्ट्रासाउंड ही बेस अस्पताल में होंगे। बेस अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एमएस बोहरा ने बताया कि 40 से 50 अल्ट्रासाउंड प्रतिदिन यहां पर भी होते हैं। एक ही रेडियोलाजिस्ट को अल्ट्रासाउंड करने के साथ सीटी स्कैन भी करना पड़ता है। महिला अस्पताल से आए 15 मरीजों के मंगलवार को अल्ट्रासाउंड किए गए। इमरजेंसी के अल्ट्रासाउंड प्रतिदिन बेस अस्पताल में होंगे।
कोट
वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य को पत्र लिखा है। वैकल्पिक व्यवस्था होने पर सभी के अल्ट्रासाउंड होंगे। इमरजेंसी वाले मरीजों के अल्ट्रासाउंड बेस अस्पताल में हो रहे हैं।
डॉ. भागीरथी जोशी
सीएमएस, महिला अस्पताल