जमरानी बांध से शहर और गांवों में होने वाली पेयजलापूर्ति के डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब पेयजल निगम ने 650 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे तकनीकी जांच के लिए आईआईटी रुड़की भेजा जाएगा।
जमरानी बांध से शहर और गांवों में होने वाली पेयजलापूर्ति के डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब पेयजल निगम ने 650 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे तकनीकी जांच के लिए आईआईटी रुड़की भेजा जाएगा। वहां से यह प्रस्ताव शासन जाएगा और इसके बाद ही स्वीकृति मिलेगी।
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इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ट्यूबवेलों पर निर्भरता को कम कर भूजल का दोहन बचाना है।जमरानी बांध बनने के बाद नगर निगम के 60 वार्डों और 176 गांवों को पेयजलापूर्ति की जाएगी। इसी क्रम में जमरानी से 24 इंच व्यास वाली दो पेयजल लाइनें 16 किलोमीटर की परिधि में बिछाई जाएंगी। कुमाऊं कॉलोनी दमुवाढूंगा में 60 एमएलडी और शीतलाहाट में सात एमएलडी के फिल्टर प्लांट बनाए जाएंगे।
इन फिल्टर प्लांटों से शहर व गांव के करीब 150 ओवरहेड टैंक जोड़े जाएंगे। इसके लिए 100 किलोमीटर की पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। इस योजना का लाभ शहर व आसपास के आठ लाख लोगों को मिलेगा।