मिड-डे-मील के तहत अब चार जिलों के लिए एक-एक केंद्रीय रसोई बनाने की तैयारी है। एक रसोई पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रसोई में डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं का खाना एक साथ बनेगा और 50 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले सरकारी स्कूलों में यह खाना भेजा जाएगा।
खास बात यह है कि शिक्षा विभाग इस योजना को लोगों के दान और सहयोग से अमलीजामा पहनाना चाहता है। भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में चार केंद्रीय रसोई का निर्माण होगा।
एक रसोई में डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं का खाना एक साथ बनेगा और 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सरकारी स्कूलों में खाना भेजा जाएगा। बताया कि खाने की पहली थाली डीएम और खाद्य निरीक्षक के पास गुणवत्ता को परखने के लिए भेजी जाएगी।
मंत्री ने साफ किया कि किसी भी भोजन माता को बाहर नहीं निकाला जाएगा। भोजन माताएं स्कूल में खाना पहुंचने पर बच्चों को परोसेंगी। 15 से 20 दिन के भीतर केंद्रीय रसोई निर्माण कार्य का शिलान्यास कर दिया जाएगा। मंत्री के मुताबिक इस धन की व्यवस्था लोगों के सहयोग से की जा रही है। इसमें शिक्षा विभाग अपनी तरफ से खर्च नहीं कर रहा है।
...तो एक साल में सुधर जाएंगे सरकारी स्कूल
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि एक वर्ष के भीतर सभी सरकारी स्कूलों से टाट-पट्टी की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। सभी विद्यालयों में कंप्यूटर और फर्नीचर की उचित व्यवस्था होगी। इसके लिए प्रदेश के उद्योगपति सहयोग करेंगे और सरकारी धन नहीं खर्च किया जाएगा।
स्थानांतरण संबंधी सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग में एक वर्ष के भीतर परिवर्तन दिखाई देगा। अगले सत्र से सरकारी एवं निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू होगा और पाठ्यक्रम प्रतिवर्ष नहीं बदला जाएगा। पाठ्यक्रम कक्षा एक से कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए होगा।
एक कक्षा पास करने वाला बच्चा अपनी पुस्तक स्कूल में देगा। स्कूल किताबें दूसरे बच्चे को निशुल्क देगा। कहा कि अभी 25 लाख की किताबें एक वर्ष के बाद बेकार हो जाती है। ये व्यवस्था लागू होने से गरीब का बच्चा भी अच्छे स्कूल में पढ़ सकेगा।
पांडे ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबें 1000 से 1500 रुपये के बीच आ जाएंगी। प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि निजी स्कूलों की पढ़ाई सरकारी स्कूलों से बेहतर है। बताया कि गदरपुर विधानसभा के रोशनपुर गांव में 110 गरीबों के लिए मकान बनाने के प्रस्ताव को केंद्र से स्वीकृति मिल गई है।
जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। पांडे ने केंद्र की जनधन खाता, उज्ज्वला योजना समेत तमाम उपलब्धियां गिनाई।