जमरानी बांध परियोजना का निरीक्षण करते सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय। स्रोत स्वयं
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भीमताल/हल्द्वानी। सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बुधवार को भीमताल ब्लॉक के जमरानी बांध परियोजना का अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। सीडीओ ने निरीक्षण में धीमी प्रगति, मलबा निस्तारण, पुनर्वास और गुणवत्ता नियंत्रण में लापरवाही सामने आने पर कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण में पाया गया कि मलबा निस्तारण के लिए तीन डंपिंग साइटें चयनित हैं लेकिन अभी सिर्फ एक ही साइट काम में है। वहां भी वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं हो रहा है। नदी किनारे डाला गया मलबा बारिश में नदी में बह रहा है। सीडीओ ने सभी डंपिंग साइटों को तुरंत विकसित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुसार मलबा निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। सीडीओ ने कहा कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के तहत 1267 लोगों में से 1116 लोगों को मुआवजा बांटा जा चुका है। साथ ही 480 करोड़ रुपये की धनराशि के सापेक्ष 71 करोड़ का भुगतान करना शेष है। उन्होंने 14 परिवारों के लंबित प्रकरणों को हल करने के निर्देश दिए।
टेस्टिंग लैब की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली
निरीक्षण के दौरान परियोजना की टेस्टिंग लैब की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। सीडीओ ने थर्ड पार्टी के पिछले पांच महीने से स्थल का भ्रमण नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की। सीडीओ ने कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने वर्ष 2026-27 में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में निर्धारित समय से पीछे होने पर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीडीओ ने विस्थापित होने वाले परिवारों के संबंध में पराग फार्म की जानकारी ली। साथ ही कहा कि सीईआर नीति के तहत 13 करोड़ की धनराशि प्रभावित क्षेत्र के 19 गांवों में व्यय की जानी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 1175 सोलर लाइटें लगाने के क्रम में खरीदारी जिला प्रशासन की निगरानी में होगी। शिक्षा, शौचालय, स्मार्ट क्लास और अन्य कार्यों के लिए पांच वर्ष में 13 करोड़ की धनराशि में से 40 लाख का ही व्यय हो पाया है। सीडीओ ने प्रभावित क्षेत्र में कार्ययोजना बनाकर काम शुरू करने को कहा। महानिदेशक एमके खरे के मौजूद नहीं होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई।