मौन पालकों की समस्याओं के समाधान और मौन पालन के प्रसार के लिए सीडीओ ललित मोहन रयाल ने मौनपालकों की समस्याएं सुनी और सुझाव मांगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मौन पालन और मौनपालकों के लिए ठोस योजना बना रही है। इसका सीधा लाभ मौन पालकों को मिलेगा और सूबे में शहद का उत्पादन बढ़ेगा।
पिछले दिनों नैनीताल में सीएम हरीश रावत के जनता दरबार में मौन पालकों ने अपनी समस्याएं लिखी थीं। इसी क्रम में सीएम के निर्देश पर रयाल ने बृहस्पतिवार को मौन पालकों के साथ बैठक की।
मौन पालकों ने 80 फीसदी अनुदान राशि दिए जाने की मांग की। इसी क्रम में प्रदेशीय मौन परिषद में एक उपाध्यक्ष और दो सदस्य कुमाऊं मंडल से शामिल करने की मांग की गई।
जिला पंचायत सदस्य डा. हरीश सिंह बिष्ट ने कहा कि मौन पालकों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। डीएचओ डा. रामेश्वर सिंह ने कहा कि विभिन्न योजनाओं का लाभ मौनपालकों को दिया जा रहा है।
इस मौके पर प्रकाश सती, मोहन पडियार, मंयक पांडे, गिरीश जोशी, नरेंद्र रावत, ग्राम प्रधान शेखर भट्ट, मुन्नी देवी मौजूद थे।