श्री रामलीला मंचन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। आयोजन के लिए 35 कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में 200 तोरण द्वार बनेंगे। वृंदावन की अंतरराष्ट्रीय संस्था श्री बाल मुकुंद रासलीला के 40 कलाकार राधेश्याम रामायण पर आधारित रामलीला का मंचन करेंगे। 28 सितंबर से दिन की रामलीला जबकि एक अक्तूबर से रात की रामलीला का मंचन शुरू होगा।
नैनीताल रोड स्थित एक होटल में हरिशरणम जन के प्रमुख स्वामी राम गोविंद दास भाईजी ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शहर के लोगों से रामलीला के लिए चंदा नहीं लेंगे। कमेटी के पैसे का भी उपयोग नहीं करेंगे। रामलीला का खर्च उनकी संस्था के फंड से होगा।
दिन की रामलीला का समय तीन से छह बजे और रात की रामलीला मंचन के समय सात से रात 10 बजे तक होगा। मंचन का प्रसारण स्थानीय सिटी केबल से भी होगा। चार अक्तूबर को श्रीराम-केवट संवाद के लिए डीके पार्क में विशेष नाव तैयार करायी जा रही है। 11 अक्तूबर को विजयादशमी के लिए तमिलनाडु शिवाकाशी के लोग आतिशबाजी करेंगे।
श्री राम-रावण युद्ध के बीच हेलीकाप्टर से दस क्विंटल पुष्प वर्षा की जाएगी। श्रीराम को 21 गन की सलामी दी जाएगी। इसके लिए वित्तमंत्री से आदेश कराने का अनुरोध किया गया है। राजगद्दी की शोभायात्रा के लिए चार हाथी, चार ऊंट, 51 घोड़े, नौ बग्घियों की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से 51 फीट का रावण का पुतला बनेगा।
पत्रकार वार्ता में मौजूद रामलीला कमेटी के रिसीवर सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में शहर की जनता से सहयोग का अनुरोध किया गया है।
वाल्मीकि समाज ने की ध्वज पूजा
रामलीला के लिए पहली बार वाल्मीकि समाज ने श्री रामलीला मैदान में ढोल नगाड़े के साथ विधिवत हनुमान ध्वज की पूजा की। इससे पूर्व वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश, सुमित हृदयेश और सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह और स्वामी राम गोविंद दास भाईजी वाल्मीकि समाज के लोगों का स्वागत किया।
आचार्य पंडित गोपाल दत्त भट्ट के निर्देशन में गणेश जोशी, कन्हैया उपाध्याय व पंडित गुरुदेव वशिष्ठ ने पूजा कराई। इसके बाद वाल्मीकि समाज ने हनुमान ध्वज का पूजन किया। इस दौरान वाल्मीकि समाज के रामऔतार राजौर, सरपंत बसंत, राहत मसीह, रवि, सुरेश, अजय, विनयपाल, अशोक राज, जगदीश अरविंद आदि थे।
ध्वज पूजा में नहीं बुलाने पर मेयर नाराज
श्री रामलीला मैदान में ध्वज पूजा के दौरान रामलीला मंचन समिति द्वारा नहीं बुलाने पर मेयर जोगेंद्र रौतेला नाराज हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रामलीला मंचन गैर राजनीतिक है तो वित्त मंत्री और उनके पुत्र को ही सिर्फ क्यों बुलाया गया। इस कार्यक्रम में शहर के संभ्रांत लोगों को आमंत्रित किया जाना चाहिए था।