उत्तराखंड बोर्ड के बच्चे भी अब सीबीएसई की राह पर हैं। कैरियर की प्रतिस्पर्द्धा में पिछले कुछ सालों में उत्तराखंड बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाफल में छात्रों के अंकों का ‘गणित’ ही बदल गया है। छात्रों के लिए जहां ससम्मान प्रथम श्रेणी पास करना चुनौती होता था अब होनहार 98 फीसदी तक अंक ला रहे हैं। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में न केवल टापटेन सूची में अधिक से अधिक बच्चे शामिल हो रहे हैं, बल्कि पासिंग प्रतिशत भी काफी बढ़ गया है।
कुछ साल पहले तक (इलाहाबाद बोर्ड उत्तरप्रदेश) में बच्चों में परीक्षा का काफी दबाव में रहता था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करना जिंदगी की बड़ी जंग जीतना जैसा होता था। उत्तराखंड बोर्ड अलग होने के बाद न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार आया, बल्कि उत्तीर्ण प्रतिशत में वृद्धि हुई है। बच्चों में अब उत्तीर्ण होने का दबाव नहीं बल्कि टापटेन सूची में जगह बनाने का हो गया है।
हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में एसवीएम एचएसएस श्रीनगर पौड़ी के छात्र प्रीतम सिंह ने प्रदेश टाप कर कीर्तिमान बनाया है। प्रीतम ने 98.20 फीसदी अंक पाकर (491/500) सीबीएसई के बच्चों को पीछे छोड़ दिया है। हाईस्कूल परीक्षा की मेरिट सूची में 129 बच्चों ने स्थान प्राप्त किया है। बोर्ड ने मेरिट सूची में 91.60 फीसदी अंक लाने वाले बच्चों को शामिल किया है।
इंटरमीडिएट परीक्षा में भी जेपीयूकेएसवीएमआईसी टिहरी की अंजली और एसवीएमआईसी सेक्टर दो बीएचईएल रानीपुर हरिद्वार की काजल ने 95.20 फीसदी अंकों के साथ बोर्ड टाप किया है। इंटर की मेरिट सूची में 96 बच्चों ने जगह बनाई है। 88.60 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड में मेरिट लिस्ट में शामिल किया है।
हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में पिछले साल की तुलना में इस साल उत्तीर्ण प्रतिशत 3.28 बढ़ा है। सम्मान सहित पास होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या भी 0.95 फीसदी, प्रथम श्रेणी में 1.04 फीसदी और द्वितीय श्रेणी में 2.23 फीसदी वृद्धि हुई है।
मेरिट की प्रतिस्पर्द्धा में होनहारों का झंडा
हाईस्कूल की मेरिट में 129 बच्चों ने जगह बनाई है। इसमें 5वीं और छठी रैंक में चार-चार, 9वीं रैंक में छह, 10वीं रैंक में चार, 12वीं रैंक में छह, 15वीं रैंक में पांच, 16वीं रैंक में चार, 17वीं रैंक में छह, 18वीं रैंक में पांच, 19वीं रैंक में छह, 20वीं रैंक में 9 और 21वीं रैंक में 12 परीक्षार्थियों ने जबह बनाई है। 22वीं रैंक में छह, 23वीं रैंक में 15, 24वीं रैंक में 11, 25वीं रैंक में 11 बच्चों ने स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह इंटर की मेरिट में पहले और दूसरे स्थान पर ही प्रतिस्पर्द्धा रही है। पहली और दूसरी रैंक में दो-दो बच्चों ने जगह बनाई है। 10वीं रैंक में चार, 12वीं रैंक में 9, 14वीं रैंक में चार बच्चे शामिल हुए हैं। 15वीं रैंक में छह, 17वीं रैंक में 10, 18वीं रैंक में पांच, 20वीं और 22वीं रैंक में छह-छह, 23वीं रैंक में पांच, 24वीं रैंक में चार और 25वीं रैंक में छह बच्चों ने जगह बनाई है।
उत्तराखंड बोर्ड में शिक्षा के स्तर में सुधार आया है। कैरियर में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ी है। इसकी शुरुआत बोर्ड परीक्षा से ही हो जाती है। अभिभावकों के साथ-साथ अब बच्चे भी कैरियर के प्रति चिंतित होने लगे हैं। हाईस्कूल की परीक्षा देने के साथ कैरियर की लाइन तय कर लेते हैं। सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने और पेपर कम होने से बच्चे अच्छी तरह तैयारी करते हैं। इसी का नतीजा है कि टॉपरों की सूची बढ़ी है।
- आरएल आर्या, मुख्य शिक्षा अधिकारी
पिछले पांच सालों का हाईस्कूल और इंटर का परीक्षाफल
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वर्ष 2014 टोटल परीक्षाफल
हाईस्कूल : 66.40 फीसदी
इंटरमीडिएट : 70.39 फीसदी
हाईस्कूल टॉपर: विजय लक्ष्मी गोस्वामी 95.06
इंटरमीडिएट टॉपर: अभिनव रावत 92.08
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वर्ष 2013 टोटल परीक्षाफल
हाईस्कूल : 71.04 फीसदी
इंटरमीडिएट : 79.82 फीसदी
हाईस्कूल टॉपर: रोहित 95.80
इंटरमीडिएट टॉपर: नवदीप 94.00
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वर्ष 2012 टोटल परीक्षाफल
हाईस्कूल : 70.26 फीसदी
इंटरमीडिएट : 78.49 फीसदी
हाईस्कूल टॉपर: समीर रियाज 95.80
इंटरमीडिएट टॉपर: इरम 92.40
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वर्ष 2011 टोटल परीक्षाफल
हाईस्कूल : 68.14 फीसदी
इंटरमीडिएट : 75.80 फीसदी
हाईस्कूल टॉपर: निशांत कौशिक 94.06
इंटरमीडिएट टॉपर: कंचन 95.02
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वर्ष 2010 टोटल परीक्षाफल
हाईस्कूल : 65.85 फीसदी
इंटरमीडिएट : 74.36 फीसदी
हाईस्कूल टॉपर: आलोक 95.60
इंटरमीडिएट टॉपर: अभिलेख और स्वर्णिमा 88.60
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