हल्द्वानी। सीबीएसई की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार 12वीं के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से होगी। 10वीं के छात्रों की की काॅपियां पहले की तरह ही जांची जाएगी।
बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन ही होगी। हर कॉपी को यूनिक कोड मिलेगा। उत्तरपुस्तिकाओं के प्रत्येक पन्ने को परीक्षा केंद्र में ही स्कैन करके कंप्यूटर सिस्टम से जोड़ा जाएगा और पन्ने स्कैन होने के बाद परीक्षक इन कॉपियों की जांच करके ही नंबर देंगे। कॉपी जांचते समय छात्र का नाम और रोल नंबर भी नहीं दिखेगा। काॅपी ऑनलाइन जांचते समय शिक्षक लैब में दिए गए पोर्टल पर लॉगइन करेंगे और उन्हें वहीं पता चलेगा कि उस दिन उन्हें कितनी कॉपियां जांचनी हैं। किस शिक्षक ने कितनी देर में कॉपी चैक की यह भी ट्रैक में आ जाएगा।
सिंथिया स्कूल के प्राचार्य डाॅ. प्रवींद्र रौतेला ने बताया कि हर प्रश्न के लिए एक अलग नंबर का कॉलम होगा जिसमें उस सवाल के पूर्णांक होंगे। शिक्षक जवाब के हिसाब से नंबर डालेंगे जो कि सिस्टम में सेव हो जाएगा।
12वीं के बच्चे ऑफलाइन ही परीक्षा देंगे लेकिन कॉपियां ऑनलाइन चैक होंगी। कापियां जांचने के लिए बोर्ड की ओर से सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। हर पेज की डिजिटल फोटो बनेगी। 2014 में भी ऐसी ही व्यवस्था की गई थी और वह सफल भी रही थी। अब नई तकनीक से इसे फिर शुरू किया गया है।
- मंजू जोशी, सीबीएसई काॅर्डिनेटर