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Nainital: आरोप...रात 2:30 पर चस्पा किया नोटिस, 1:30 बजे पहुंचने को कहा; डीएम बोलीं- समय पर दी थी सूचना

Thu, 21 Aug 2025 11:02 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए हुई मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी पुष्पा नेगी ने याचिका में कहा कि उसके हल्द्वानी स्थित आवास के बाहर 14 अगस्त की रात 2.23 बजे नोटिस लगाकर 1.30 बजे उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए हुई मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी पुष्पा नेगी ने याचिका में कहा कि उसके हल्द्वानी स्थित आवास के बाहर 14 अगस्त की रात 2.23 बजे नोटिस लगाकर 1.30 बजे उपस्थित होने के लिए कहा गया था। उन्होंने मतगणना के दौरान कैमरा ऑफ करने, मतपत्र में 1 को 2 बना देने, उन्हें मतगणना स्थल पहुंचने की जानकारी देर से देने के आरोप लगाए हैं।

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प्रत्याशी के आरोपों का जवाब देने के लिए बतौर रिटर्निंग ऑफिसर डीएम वंदना कोर्ट में ऑनलाइन उपस्थित हुईं। उन्होंने बताया कि सभी प्रत्याशियों और उनके एजेंट्स को काउंटिंग शुरू होने से बहुत पहले फोन और व्हाट्सएप पर सूचना दे दी गई थी जो उन्होंने देख भी ली थी।

डीएम ने बताया कि वोट इनवैलिड होने की वजह यह थी कि मतदाता की ओर से प्रत्याशियों को पहली प्राथमिकता का वोट (1) देना आवश्यक होता है। केवल दूसरी प्राथमिकता नहीं दी जा सकती जबकि संबंधित प्रकरण में पहली प्राथमिकता के बजाय केवल दूसरी प्राथमिकता का वोट दिया गया था जबकि एक मतपत्र ब्लैंक था। डीएम ने बताया कि सभी प्रत्याशियों को दो बार बैलेट के निरीक्षण का अवसर दिया गया लेकिन दूसरी प्रत्याशी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंची। अगर वह पहुंची होती तो उनके पास आपत्ति करने का भी मौका होता और री-काउंटिंग भी हो सकती थी लेकिन तब कोई आपत्ति नहीं की गई। डीएम ने कहा की सारी प्रक्रिया सीसीटीवी के अलावा वीडियोग्राफी से भी स्वतंत्र पर्यवेक्षक की मौजूदगी में रिकॉर्ड की गई है। आवश्यकता पर कोर्ट में भी रिकॉर्ड दिया जा सकता है।
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चर्चित मसीह प्रकरण की दी गई मिसाल
सुनवाई के दौरान कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के वकील डीडी कामत ने चर्चित मसीह प्रकरण की मिसाल दी। मेयर चुनाव से संबंधित मसीह प्रकरण से यह तथ्य स्थापित हुआ था कि यदि मतगणना में पारदर्शिता न हो तो लोकतंत्र पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो सकता है। इसके बाद चुनाव आयोग ने मतगणना की वीडियोग्राफी, पारदर्शी बैलेट बॉक्स और बाद में ईवीएम जैसी तकनीक का प्रयोग जैसे कई चुनावी सुधार लागू किए थे।

रिकॉर्डिंग के निरीक्षण में आज ये रहेंगे शामिल
याची की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस पाटनी, अवतार सिंह रावत और त्रिभुवन शामिल होंगे। वहीं महाधिवक्ता ने निरीक्षण के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता अमरेंद्र प्रताप सिंह, उप महाधिवक्ता जेएस विर्क और अतिरिक्त सीएससी राजीव सिंह बिष्ट के नाम सुझाए हैं। इनके अतिरिक्त, कोर्ट ने चुनाव आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट को भी उपस्थित रहने के लिए कहा है। दोनों प्रत्याशियों की मौजूदगी के लिए भी सहमति दी है।

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