बनभूलपुरा के बेकरी दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी के मालिक ने फर्जी तरीके से उसका चालू खाता खुलवा दिया। फिर उसमें साइबर ठगी के 1.20 करोड़ का लेनदेन कर लिया। उसके खाते में रकम जमा कराने वाले दुकान मालिक समेत 12 युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
हल्द्वानी का एक इलाका भी झारखंड के जामताड़ा और राजस्थान के मेवात जैसा हो चला है। बनभूलपुरा के बेकरी दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी का मालिक ने फर्जी तरीके से उसका चालू खाता खुलवा दिया। फिर उसमें साइबर ठगी के 1.20 करोड़ रुपये का लेनदेन कर लिया गया। उसके खाते में रकम जमा कराने वाले दुकान मालिक समेत 12 युवकों के खिलाफ बनभूलपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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मंगलपड़ाव सावित्री कॉलोनी निवासी रमेश चंद्र ने बताया कि वह बनभूलपुरा के एमएस बेकर्स पर पिछले 15 साल से कर्मचारी थे। कुछ माह पहले उसके मालिक साजिद निवासी लाइन नंबर 17 ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिये पैसे कमाने की बात बताई। आर्थिक तंगी थी, इसलिए वह तैयार हो गया। साजिद ने बनभूलपुरा के अनस मलिक के साथ मिलकर पहले उद्यम विभाग से रमेश का फर्जी उद्यम सर्टिफिकेट बनवाया। फिर उसके आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा में उसका खाता आरसी इंटरप्राइजेज के नाम से खुलवा दिया।
बीती 19 मार्च को साजिद ने उसके खाता में पहली बार 30 हजार की रकम डाली और दस हजार नकद रुपये उसे भी दिए। इसी बीच साजिद और अनस ने अपने दोस्त व बनभूलपुरा निवासी हसनान, कैफ, रमीज, करन व उसके भाई प्रियांशु ठाकुर, सिकंदर हुसैन व उसके भाई यूसुफ, वाजिद, मोनिस और नितिन अटवाल से मिलवाया और कहा कि ये सभी क्रिप्टोकरेंसी का कार्य करते हैं। मगर उन लोगों का खेल कुछ और ही था। उधर एक सप्ताह पहले नोएडा पुलिस ने बनभूलपुरा थाने आकर रमेश चंद्र के खातों की जांच की। रमेश चंद्र को बुलवाया गया तो उसने पूरी बात बता दी। थाना प्रभारी नीरज भाकुनी ने बताया कि रमेश की तहरीर पर बनभूलपुरा थाना में इन 12 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रमेश के खाते से 1.20 करोड़ का लेनदेन किया गया था। इसी के बाद मामला पकड़ में आया था।