रामनगर। यहां फास्टैग से ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम लुटाबड़ निवासी एक प्रोफेसर की कार उत्तराखंड में होने के बावजूद तमिलनाडु के विभिन्न टोल प्लाजा पर उनके फास्टैग से मई 2026 से अब तक पांच बार अलग-अलग टोल प्लाजा पर टोल टैक्स कट चुका है। उन्होंने पुलिस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
लुटाबड़ निवासी प्रोफेसर अधीर कुमार ने बताया कि वह ऋषिकेश स्थित श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं। वह कार संख्या यूके 04 एल 8682 में पिछले तीन वर्षों से एयरटेल पेमेंट्स बैंक का फास्टैग उपयोग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि मई 2026 से उनके फास्टैग से तमिलनाडु में स्थित विभिन्न टोल प्लाजा पर पांच बार टोल शुल्क काटा जा चुका है। बताया कि जिन तिथियों में तमिलनाडु के टोल प्लाजा पर शुल्क कटा, उस दौरान उनकी कार उत्तराखंड में ही मौजूद थी। वर्ष 2012 में कार खरीदने के बाद आज तक कार को तमिलनाडु लेकर भी नहीं गए। इसके बावजूद तमिलनाडु के टोल प्लाजा से पांच बार टोल कट चुका है।
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पीड़ित ने लगाया थाने से लौटाने का आरोप
रामनगर। प्रो. अधीर कुमार ने बताया कि मामले में कार्रवाई को लेकर वह तहरीर लेकर कोतवाली पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन पुलिस ने तहरीर रिसीव तक नहीं की। बताया कि पुलिस ने ऑनलाइन एनसीआरबी पोर्टल पर कार्रवाई करने की बात कहकर कोतवाली से वापस भेज दिया। मामले में कोतवाल सुशील कुमार का कहना था कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी।