कालटैक्स से सुशीला तिवारी अस्पताल तक नहर कवरिंग क्या हुई कि फड़-खोखा कारोबारियों की मौज आ गई। फड़-खोखा कारोबारियों ने कवर की गई नहर के ऊपर कई स्थानों पर कब्जा कर लिया है। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर कवर कर बनाई गई सड़क पर कब्जा जमाए फड़-खोखा कारोबारी नहीं दिखाई दे रहे हैं।
शहर के बीचोंबीच खुली नहर जानलेवा साबित हो रही थी। शहरवासियों की मांग पर शासन ने कालटैक्स से सुशीला तिवारी अस्पताल तक सात किमी नहर की कवरिंग के लिए करीब 28 करोड़ रुपए मंजूर किए। सिंचाई विभाग के नहर कवरिंग का काम पूरा करने के बाद लोनिवि ने सड़क का निर्माण कराया। इस उद्देश्य शहर में बढ़ते यातायात को बाईपास से निकालकर कम करना था, लेकिन अब इस सड़क के ऊपर जगह-जगह फड़-खोखा कारोबारियों का कब्जा हो गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों, सिंचाई और लोनिवि की ओर से अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से उनके हौसले बुलंद हैं। अतिक्रमण के चलते बाईपास तो दूर इस सड़क पर वाहनों और स्थानीय लोगों का चलना भी दूभर हो गया है।