मासूम जैद को गौला पुल से फेंकने वाली विक्षिप्त दीपा से अस्पताल में मंगलवार को उसके जेठ और चचिया ससुर मिलने पहुंचे। दीपा ने दोनों को पहचान लिया। ससुरालियों ने उसका इलाज बरेली में कराने की इच्छा जताई है। दीपा का पति पप्पू अब भी जेल में बंद है।
चार अप्रैल की शाम लाइन नंबर 17 निवासी ठेकेदार इब्राहिम के डेढ़ वर्षीय पोते मोहम्मद जैद को विक्षिप्त दीपा ने गौलापुल से नीचे फेंक दिया था, जिससे जैद की मौत हो गई थी। मासूम की मौत के बाद पुलिस ने दीपा को हिरासत में ले लिया। तभी से दीपा का इलाज सुशीला तिवारी अस्पताल में चल रहा है। होश आने पर दीपा ने अपनी जिंदगी के बारे में कुछ बातें बताई। इस मामले में डाक्टर ने अपनी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को भेज दी है।
इधर, बनभूलपुरा पुलिस ने दीपा के बताने पर सिपाहियों को बरेली जिले के आलमपुर गजरौला चैनपुर भेजा। पुलिस के कहने पर दीपा के जेठ भगवान दास मौर्या और चचिया ससुर चिरौजी लाल यहां पहुंचे। दोनों को देखते ही दीपा ने पहचान लिया। जेठ ने उसका इलाज बरेली कराने के लिए बनभूलपुरा पुलिस से इच्छा जताई है। इस मामले में भी सिटी मजिस्ट्रेट ही निर्णय करेंगे।